केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कांग्रेस और बिहार में उसकी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर मुसलमानों की बदहाली का ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि इन पार्टियों ने केवल समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।
इफ्तार पार्टी में चिराग का बड़ा बयान
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान अपनी पार्टी द्वारा आयोजित इफ्तार में बोल रहे थे। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए के अन्य नेता भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा,
“मैं हिंदू हूं, फिर भी इफ्तार का आयोजन कर रहा हूं, क्योंकि जब हिंदू और मुसलमान साथ बैठकर रोटी खाते हैं, तो सद्भाव का संदेश जाता है। लेकिन कुछ लोग इसे भी राजनीति से जोड़ रहे हैं, जो गलत है।”
“कांग्रेस और आरजेडी ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा”
जब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की ओर से वक्फ विधेयक को लेकर नाराजगी और इफ्तार से दूरी की बात पूछी गई, तो चिराग पासवान ने कहा –
“मदनी साहब बुजुर्ग हैं, मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। लेकिन मेरी शिकायत यह है कि उन्हें कांग्रेस और आरजेडी से कोई नाराजगी नहीं, जिन्होंने दशकों तक मुसलमानों को केवल वोट बैंक माना और उनकी भलाई के लिए कुछ नहीं किया!”
उन्होंने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा,
“इस रिपोर्ट ने दिखाया कि देश में मुसलमानों की स्थिति कितनी दयनीय है। इसका जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस ने सबसे ज्यादा राज किया, बिहार में भी 2005 तक आरजेडी सत्ता में थी।”
“मेरे पिता ने मुस्लिम सीएम के लिए पार्टी तक कुर्बान की”
चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा –
“2005 में मेरे पिता ने बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन कर अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगा दिया था। लेकिन जो लोग मुस्लिमों की भलाई की बात करते हैं, उन्होंने तब हमारा साथ नहीं दिया।”
“मदनी साहब के इफ्तार के बहिष्कार का सम्मान, लेकिन कांग्रेस-आरजेडी का बचाव क्यों?”
चिराग ने कहा कि वह मदनी साहब के इफ्तार का बहिष्कार करने के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि
“जो पार्टियां मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती आई हैं, उनके बचाव में खड़ा होना सही नहीं है।”
क्या बिहार में बदल रहा है राजनीतिक समीकरण?
चिराग पासवान का यह बयान बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत देता है। एनडीए में शामिल होने के बाद से चिराग पासवान लगातार कांग्रेस और आरजेडी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। अब देखना होगा कि आरजेडी और कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
यह भी पढ़ें:
केजरीवाल के बाद अब भगवंत मान सरकार भी खतरे में? अनिल विज का बड़ा दावा
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check