बिहार की राजनीति में चिराग पासवान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके संभावित विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर है। एनडीए में इस पर मतभेद उभरने लगे हैं, जेडीयू खासतौर पर इस मुद्दे पर असहज नजर आ रही है।
जेडीयू सूत्रों का कहना है कि अगर चिराग चुनाव लड़ते हैं तो ये उनका निजी फैसला होगा, एनडीए का नहीं। पार्टी यह जानना चाहती है कि कैबिनेट मंत्री रहते हुए चिराग आखिर क्यों विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
🎯 सीट शेयरिंग का दबाव या सीएम पद की महत्वाकांक्षा?
जेडीयू को शक है कि चिराग का यह कदम सीट बंटवारे में दबाव बनाने की रणनीति हो सकता है। वहीं कुछ नेताओं को लगता है कि चिराग के चुनाव लड़ने से मुख्यमंत्री पद को लेकर भ्रम फैल सकता है — जबकि एनडीए पहले ही साफ कर चुका है कि चुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में लड़ा जाएगा।
💥 राजगीर में चिराग का शक्ति प्रदर्शन, जेडीयू की धड़कनें तेज
29 जून को चिराग पासवान नीतीश कुमार के गढ़ राजगीर में भीम संकल्प समागम करने जा रहे हैं, जिसमें दो लाख लोगों के जुटने का दावा है। जेडीयू को यह सियासी ताकत दिखाने की कोशिश पसंद नहीं आ रही।
हालांकि बीजेपी के कुछ नेताओं का मानना है कि चिराग की मौजूदगी से पासवान वोट बैंक एनडीए के पक्ष में एकजुट होगा, जिससे चुनावी फायदा होगा।
🧩 कम सीटों पर लड़कर क्या सीएम बन पाएंगे चिराग?
विश्लेषकों के अनुसार चिराग के पास अगर 30 से कम सीटें होती हैं, तो वो चाहकर भी सीएम पद की रेस में गंभीर दावेदार नहीं बन सकते। ऐसे में सवाल उठता है कि वे विधानसभा चुनाव लड़कर क्या साबित करना चाहते हैं?
🔁 चिराग पाला बदलेंगे? गठबंधन को लेकर संदेह बरकरार
महागठबंधन में भी चिराग के लिए कोई जगह नहीं दिखती, क्योंकि वहां तेजस्वी यादव पहले से सीएम फेस हैं। ऊपर से चिराग को लेकर यह आशंका बनी रहती है कि वे कभी भी पाला बदल सकते हैं, जैसा 2020 में देखा गया।
🚨 एनडीए से अलग हुए तो नुकसान खुद चिराग को होगा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चिराग के पास प्रशांत किशोर के साथ जाने का विकल्प जरूर है, पर वहां भी नेतृत्व को लेकर टकराव तय है। साथ ही पिछले चुनाव में चिराग को जेडीयू की हार का जिम्मेदार माना गया था, इसलिए जेडीयू उनके किसी भी कदम को लेकर संदेह में है।
इस बार परिस्थिति अलग है — बीजेपी और जेडीयू के रिश्ते मजबूत हैं, और केंद्र में मोदी सरकार को जेडीयू की जरूरत है। ऐसे में अगर चिराग एनडीए से दूरी बनाते हैं, तो राजनीतिक घाटा उन्हीं को उठाना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें:
सलमान खान भी मानते हैं अक्षय कुमार को फिटनेस का बादशाह, बच्चों से की फॉलो करने की अपील
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check