यूरेसियन टाइम्स के मुताबिक, चीन का H-6K बमवर्षक H-6 विमान का उन्नत संस्करण हैं. इन बमवर्षकों को ताइवान पर हमले के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ये विमान नौसैनिक और अन्य हवाई अभियानों के दौरान कई लक्ष्यों पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागते हैं. विशेषज्ञ अमेरिका के लिए इसे सीधी चेतावानी मान रहे हैं, क्योंकि हवा से बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण काफी अहम हो जाता है. बताया जा रहा है कि ये मिसाइलें KD-21 या YJ-21 हैं. चीन की क्षमता को अप्रत्याशित और पहली बार बताया जा रहा है.
फुटेज में एक चीनी H-6K बमवर्षक को बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक को लॉन्च करते हुए दिखाया गया है. माना जाता है कि ये मिसाइलों को प्रयोग समुद्र में बड़ी जहाजों को नष्ट करने में किया जा सकता है. क्लिप में मिसाइल को बॉम्बर के पोर्ट विंग के नीचे से छोड़ा जा रहा है. वीडियो फुटेज में H-6 चालक दल के एक मिशन के लिए तैयार होने और उसके बाद कई बमवर्षकों के प्रक्षेपण के दृश्य भी शामिल हैं.
हालांकि, मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में विवरण अस्पष्ट है. उम्मीद जताया जा रहा है कि यह वीडियो नवंबर 2022 के हो सकते हैं, क्योंकि चीन ने झुहाई में एयरशो किया था. उस दौरान भी कई मिसाइलों को बमवर्षकों में लोड किया गया था. इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा इन्हें हाइपरसोनिक हथियार होने का मूल्यांकन किया था.
वीडियो में दिख रहा है कि हथियार के किनारे पर मिसाइल का नाम ‘2PZD-21’ लिखा है. ऐसी अटकलें हैं कि मिसाइल को KD-21 या YJ-21 नाम से जाना जा सकता है. जबकि केडी-21 संभवतः भूमि से मार करने वाली मिसाइल है. वाईजे-21 एक जहाज-रोधी मिसाइल हो सकती है. चीनी सैन्य विश्लेषकों ने बड़े पैमाने पर हथियार में भूमि और वायु क्षमताएं होने की ओर इशारा किया है, लेकिन बीजिंग की तरफ से ज्यादा जानकारी नहीं देने की वजह से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है.
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