ताइवान को लेकर चीन की आक्रामकता जारी है, और अब उसने जापान को सीधे तौर पर धमकी दे डाली है। जापान और ताइवान की बढ़ती नजदीकी से नाराज चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने साफ कहा है कि जापान अगर ताइवान मामलों में दखल देगा, तो खुद ही मुसीबत मोल लेगा।
हाल ही में चीन और जापान के बीच संबंधों में थोड़ा सुधार देखने को मिला था, लेकिन ताइवान के मुद्दे ने एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।
चीन की जापान को चेतावनी!
👉 “ताइवान पर राजनीति करना जापान के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है” – वांग यी
👉 “चीन ताइवान को पूरी तरह से अपने में मिला लेगा, इसे कोई रोक नहीं सकता”
👉 “ताइवान की स्वतंत्रता की मांग जापान के लिए उलटी पड़ने वाली है”
वांग यी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध और बढ़ा दिए हैं। ट्रंप ने हाल ही में चीन से सभी आयातों पर टैरिफ को 20% तक बढ़ा दिया है। इस पर चीन ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
चीन Vs जापान – कौन किस पर भारी?
सैन्य ताकत का मुकाबला
📌 चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है, जिसमें करीब 20 लाख सक्रिय सैनिक हैं।
📌 जापान के पास सिर्फ 2.5 लाख सक्रिय सैनिक हैं, लेकिन ये आधुनिक तकनीक से लैस हैं।
📌 चीन के पास 4000 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं, जबकि जापान के पास 1500 एयरक्राफ्ट हैं।
📌 चीन की नौसेना विशाल और ताकतवर है, जबकि जापान अमेरिकी सहयोग पर निर्भर है।
तकनीकी श्रेष्ठता
👉 चीन के पास J-20 और J-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट हैं।
👉 जापान के पास अत्याधुनिक हथियार और अमेरिकी सपोर्ट है।
👉 चीन के पास एंटी-शिप और बैलिस्टिक मिसाइलों की विशाल संख्या है।
क्या जापान-चीन युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं?
चीन और जापान के संबंध हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल ही में ताइवान से जापान की बढ़ती दोस्ती ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है।
📌 चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे हर हाल में अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।
📌 जापान, अमेरिका के साथ मिलकर ताइवान का समर्थन कर रहा है, जिससे चीन चिढ़ा हुआ है।
📌 अगर यह टकराव बढ़ा, तो एशिया में एक बड़ी जंग छिड़ सकती है।
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