अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को टैरिफ (आयात शुल्क) से 90 दिनों की अस्थायी छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले को वैश्विक व्यापार जगत में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उम्मीद जगी है कि दोनों महाशक्तियां तनाव को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
क्या है पूरा मामला?
ट्रंप प्रशासन ने पिछले कुछ वर्षों में चीन से आने वाले अरबों डॉलर के उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाए थे। इसका उद्देश्य चीन पर दबाव बनाकर व्यापार घाटे को कम करना और अमेरिका की घरेलू इंडस्ट्री को सुरक्षा देना था। लेकिन इन टैरिफ्स के चलते दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा था।
अब, ट्रंप ने 90 दिनों के लिए इन टैरिफ्स से चयनित चीनी उत्पादों को छूट देने का निर्णय लिया है। इस अवधि में अमेरिका और चीन के अधिकारी आपसी समझौते की दिशा में वार्ता करेंगे।
ट्रंप का बयान क्या कहता है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बयान में कहा, “हम चीन के साथ स्वस्थ व्यापार संबंध चाहते हैं, लेकिन यह संतुलन और निष्पक्षता पर आधारित होना चाहिए। हमने चीन को 90 दिनों की छूट इसलिए दी है ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इन 90 दिनों में कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तो टैरिफ्स को फिर से लागू कर दिया जाएगा।
चीन की प्रतिक्रिया
बीजिंग से जारी बयान में चीन सरकार ने इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि वह इस अवसर का उपयोग व्यापार संतुलन, बौद्धिक संपदा सुरक्षा और तकनीकी आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर रचनात्मक संवाद के लिए करेगा।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, “हम अमेरिका के इस कदम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि यह स्थायी समाधान की दिशा में पहला कदम होगा।”
वैश्विक बाजार में सकारात्मक असर
ट्रंप के इस फैसले का असर तुरंत देखा गया। अमेरिकी शेयर बाजारों में उछाल आया, वहीं एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक संकेत दिखे। निवेशकों को उम्मीद है कि यह अस्थायी राहत किसी स्थायी समाधान की ओर बढ़ सकती है।
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