देश‑विदेश की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चैटबॉट्स की प्रतिस्पर्धा तेजी से गरम हो रही है। इस क्रम में ChatGPT (ओपनएआई द्वारा विकसित) ने अभी भी बाज़ार पर अपनी पकड़ बनाए रखी है। लेकिन हालिया डेटा से यह भी पता चलता है कि उसकी अगुवा जगह चुनौती में है क्योंकि दूसरे पायदान पर एक नया खिलाड़ी उभर रहा है।
क्या डेटा कहता है?
2024 अगस्त से 2025 जुलाई के बीच किए गए अध्ययन के अनुसार, ChatGPT ने लगभग 46.59 बिलियन विज़िट्स जुटाए और करीब 48.36 % ट्रैफिक शेयर के साथ बाज़ार में सबसे आगे रहा।
वहीं, उसी समय अवधि में Grok नामक चैटबॉट ने लगभग 686.91 मिलियन विज़िट्स हासिल कर दूसरे नंबर पर जगह बनायी।
विश्लेषक मानते हैं कि Grok की उल्लेखनीय वृद्धि उसकी तेज़‑गति, सोशल प्लेटफॉर्म्स में एकीकरण और नए‑उपयोगकर्ता आकर्षक फीचर्स की वजह से है।
उत्कर्ष का सार
ChatGPT ने अभी भी स्पष्ट बढ़त बनाई है और अधिकांश उपयोगकर्ताओं द्वारा वरीयता दी जा रही है।हालांकि, Grok जैसे प्रतिस्पर्धी चूंकि तेजी से उभर रहे हैं, इसलिए भविष्य में चैटबॉट बाजार की दिशा बदल सकती है।
विश्लेषण में यह भी देखा गया है कि कुछ स्त्रोतों में Grok को “दूसरे नंबर” पर माना गया है—हालांकि विज़िट्स की संख्या अभी भी काफी कम है, पर उसकी वृद्धि दर बेहद खास है।
क्या से ये बदलाव संभव हुए?
Grok को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X (पूर्वट्विटर) से मिली पहुंच ने इसे तेजी से लोकप्रिय बनाया।
Peasy
नए‑फीचर‑अपडेट्स, यूज़र‑इंटरफेस सुधार और विशेष उपयोग‑केसों का समावेश इस चैटबॉट को तेजी से आगे ले गया।
वहीं, ChatGPT ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता बनी रखी है, लेकिन प्रतिस्पर्धा में नए खिलाड़ियों की बढ़त इसे सतर्क रहने का संकेत देती है।
क्या उपयोगकर्ताओं को इससे लेना‑देना है?
हाँ। यदि आप चैटबॉट्स का रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं—लेखन, सूचना खोज, सहायता‑कार्य आदि में—तो यह जानना लाभदायक है कि अब विकल्प बढ़ रहे हैं, और एक खास चैटबॉट दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
बिज़नेस, शिक्षण‑संस्थान या स्वतंत्र पेशेवरों के लिए यह समय है रणनीति विचार करने का — किस चैटबॉट को कब और कैसे इस्तेमाल करें, यह तय करने का।
यह भी पढ़ें:
राघोपुर में फिर सतीश यादव! बार-बार हारने के बाद भी बीजेपी क्यों नहीं बदलती चेहरा
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check