आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत जीवनशैली का असर हमारे शरीर पर साफ दिखने लगा है। डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां तो बढ़ ही रही हैं, लेकिन लगातार डेस्क वर्क करने वाले लोगों में गर्दन और सर्वाइकल पेन की समस्या भी आम हो गई है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
सर्वाइकल पेन के लक्षण
अगर आपको गर्दन में लगातार दर्द या जकड़न महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये सर्वाइकल पेन के लक्षण हो सकते हैं –
✅ गर्दन में जकड़न और सूजन
✅ गर्दन और कंधों में दर्द
✅ मांसपेशियों में खिंचाव और कमजोरी
✅ चक्कर आना और सिरदर्द
✅ लंबे समय तक बैठे रहने से असहज महसूस करना
✅ टाइपिंग या लिखने में परेशानी
सर्वाइकल पेन के मुख्य कारण
🔹 लगातार एक ही पॉजिशन में बैठे रहना – घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठने से गर्दन पर दबाव पड़ता है।
🔹 गलत तरीके से सोना – ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करने से गर्दन में खिंचाव आ सकता है।
🔹 गर्दन को देर तक झुकाए रखना – मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन पर दबाव बढ़ता है।
🔹 फिजिकल स्ट्रेस – शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ने से नसों पर असर पड़ता है।
🔹 सही पोश्चर न अपनाना – गलत तरीके से बैठना और झुककर काम करना भी सर्वाइकल पेन को बढ़ाता है।
गर्दन के दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय
अगर आप दवा खाने से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान घरेलू नुस्खे अपनाकर सर्वाइकल पेन से राहत पा सकते हैं –
✔️ सही ढंग से सोएं – सपाट और आरामदायक तकिए का इस्तेमाल करें।
✔️ गर्म और ठंडा सेख – दर्द होने पर बर्फ या गर्म पानी से सिकाई करें।
✔️ मसाज करें – हल्के हाथों से गर्दन की मालिश करने से राहत मिलती है।
✔️ खूब पानी पिएं – शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखें, जिससे नसों में लचीलापन बना रहेगा।
✔️ स्ट्रेस से बचें – ज्यादा तनाव लेने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
✔️ डेली रूटीन सुधारें – लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठने से बचें, हर घंटे हल्का ब्रेक लें।
✔️ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें – हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने से गर्दन की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं।
निष्कर्ष:
अगर आप भी लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं, तो सावधान रहें। गलत पॉश्चर और लाइफस्टाइल से सर्वाइकल पेन की समस्या हो सकती है। इसे नजरअंदाज न करें, बल्कि घरेलू उपायों और सही दिनचर्या को अपनाकर इससे राहत पाएं!
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