मारपीट और मानसिक दबाव से निजात पाने के लिए सेलिना ने तलाक याचिका दायर की

बॉलीवुड अभिनेत्री और समाजसेवी सेलिना जेटली ने हाल ही में पति के खिलाफ तलाक की याचिका दायर की है। सूत्रों के अनुसार, सेलिना का दावा है कि वे अपने पति के साथ लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव का सामना कर रही थीं। उन्होंने अदालत में अपनी याचिका में बताया कि लगातार मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के कारण वे अब अपने जीवन में शांति और सम्मान की तलाश में हैं।

सेलिना जेटली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उनके आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अनिवार्य था। उन्होंने यह भी कहा कि घर में सुरक्षित महसूस करना हर व्यक्ति का अधिकार है और उन्होंने यही कारण बताया कि उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।

अधिकारियों के अनुसार, सेलिना की याचिका में घरेलू हिंसा और पति द्वारा लगातार किए जाने वाले अपमानजनक व्यवहार का विवरण शामिल है। उनकी याचिका में यह भी कहा गया है कि यह स्थिति लंबे समय से चल रही थी और कोई भी मध्यस्थ प्रयास समस्या का समाधान नहीं कर सका।

वकीलों का मानना है कि ऐसे मामलों में अदालतें पारिवारिक कानून के तहत पीड़ित की सुरक्षा और हक़ की रक्षा करती हैं। अदालत आम तौर पर घरेलू हिंसा और मारपीट के मामलों में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही कोई निर्णय देती है।

इस मामले ने समाज में महिलाओं के अधिकारों और घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता की दिशा में एक नया मोड़ ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेलिना जेटली जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्वों द्वारा अपनी परेशानियों का खुलासा करने से पीड़ित महिलाओं को भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का साहस मिलता है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस कदम की सराहना की है और कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों में कानूनी सहायता और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं से अपील की कि वे डर या सामाजिक दबाव के बावजूद अपने हक़ के लिए आवाज उठाएं।

सेलिना जेटली का यह मामला न केवल व्यक्तिगत संघर्ष का प्रतीक है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा की आवश्यकता को भी उजागर करता है। आने वाले हफ्तों में अदालत इस याचिका पर सुनवाई करेगी, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायपालिका इस मामले में क्या दिशा तय करती है।

सभी विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि घरेलू हिंसा के मामलों में समय पर कानूनी कार्रवाई और मानसिक सहारा पीड़ित के लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है। सेलिना जेटली ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपने जीवन को सुरक्षित बनाना है और वे समाज में इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की कोशिश भी करेंगी।

यह भी पढ़ें:

सुबह-सुबह भीगे चने का पानी पीने से मिलते हैं कई फायदे, जानें सही तरीका