सावधान! पैरों में लगातार सूजन हो सकती है हार्ट फेल्योर का संकेत

पैरों में सूजन (Edema) अक्सर लोगों द्वारा मामूली समस्या समझी जाती है। खड़े रहने या लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में हल्की सूजन होना आम है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार या अचानक होने वाली सूजन कभी-कभी दिल की बीमारी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।

पैर में सूजन क्यों होती है?
पैरों में सूजन के कई कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर यह पानी और नमक के असंतुलन, लंबे समय तक खड़े रहने, गर्भावस्था या अधिक वजन के कारण होता है। लेकिन अगर सूजन लगातार बनी रहती है या अचानक बढ़ती है, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल की बीमारी, विशेषकर हार्ट फेल्योर (Heart Failure), में पैरों और टखनों में सूजन एक आम लक्षण हो सकता है। जब दिल सही तरीके से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो रक्त और तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगते हैं। परिणामस्वरूप पैरों में सूजन, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

कब सावधान रहें:

यदि सूजन के साथ सांस फूलना, थकान या हृदय गति में बदलाव हो।

पैरों की सूजन अचानक या असामान्य रूप से बढ़े।

सूजन एक या दोनों पैरों में असमान रूप से दिखाई दे।

इसके अलावा, पैरों की सूजन किडनी, लीवर या थायरॉइड जैसी समस्याओं की भी चेतावनी हो सकती है। इसलिए केवल सौंदर्य या असुविधा के आधार पर इसे अनदेखा करना सही नहीं है।

पैर की सूजन से बचने के उपाय:

लंबे समय तक खड़े या बैठे रहने से बचें।

पैरों को समय-समय पर ऊँचा रखें।

नमक का सेवन नियंत्रित करें।

नियमित हल्की एक्सरसाइज करें, जैसे पैदल चलना या स्ट्रेचिंग।

पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर में तरल संतुलन बना रहे।

अगर सूजन लगातार बनी रहे, तो कार्डियोलॉजिस्ट या फिज़िशियन से तुरंत संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर पैरों में सूजन के कारण का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट, ईसीजी और ईकोकार्डियोग्राफी जैसी जाँच कर सकते हैं।

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