यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक केमिकल है, जो प्यूरीन (Purine) के टूटने से बनता है। प्यूरीन हमारी डाइट (जैसे दालें, मांस, बीन्स, समुद्री भोजन) और शरीर दोनों में पाया जाता है। सामान्य स्थिति में यह यूरिक एसिड मूत्र (Urine) के जरिए बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो यह गठिया (Gout) जैसी समस्या का कारण बन सकता है।
ज्यादा देर तक खाना न खाने से क्यों बढ़ता है यूरिक एसिड?
- उपवास या लंबे गैप से शरीर में किटोन बॉडीज़ बढ़ती हैं, जो यूरिक एसिड के निष्कासन को रोक देती हैं।
- खाली पेट रहने पर शरीर ऊर्जा पाने के लिए प्रोटीन और वसा को तोड़ता है, जिससे प्यूरीन की मात्रा बढ़ जाती है।
- डिहाइड्रेशन भी लंबे उपवास के दौरान आम समस्या है, जिससे यूरिक एसिड बाहर निकलने में दिक्कत होती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
- जोड़ों में तेज़ दर्द और सूजन
- चलने-फिरने में कठिनाई
- सुबह उठते समय अकड़न
- बार-बार पेशाब आने या जलन होना
- थकान और कमजोरी
किन आदतों से बचें?
- लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
- हाई-प्यूरीन फूड्स (लाल मांस, बीयर, समुद्री भोजन) से दूरी बनाएँ।
- मीठे पेय पदार्थ (सॉफ्ट ड्रिंक, फ्रक्टोज़ वाली चीजें) कम करें।
- देर रात तक जागने और अनियमित खाने की आदतें छोड़ें।
क्या खाएँ?
- फाइबर और प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन (हरी सब्जियाँ, दालें, फल) लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ (कम से कम 8–10 गिलास)।
- चेरी, स्ट्रॉबेरी, और आंवला जैसे फल यूरिक एसिड नियंत्रित करने में मददगार हैं।
- लो-फैट डेयरी उत्पाद (दूध, दही) उपयोगी हैं।
यूरिक एसिड की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं या डाइटिंग करते हैं तो यह आपके यूरिक एसिड लेवल को और बढ़ा सकता है। इसलिए सही समय पर संतुलित आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और नियमित व्यायाम करना बेहद ज़रूरी है।
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check