कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए ज़रूरी फैटी पदार्थ है, लेकिन इसकी अधिकता (हाई कोलेस्ट्रॉल) हृदय रोग, स्ट्रोक और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। ऐसे में मरीज अक्सर सोचते हैं कि क्या सिर्फ पानी पीकर कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब और पानी का सही महत्व।
क्या पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल घटता है?
- पानी सीधे कोलेस्ट्रॉल को कम नहीं करता, लेकिन यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालकर लिवर और किडनी को हेल्दी रखता है।
- पर्याप्त पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) जमा नहीं होता।
- यह वजन नियंत्रित करने में मदद करता है, और मोटापा हाई कोलेस्ट्रॉल का एक बड़ा कारण है।
हाई कोलेस्ट्रॉल मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?
- आमतौर पर दिनभर में 8-10 गिलास (2.5 से 3 लीटर) पानी पीना फायदेमंद है।
- गर्मियों या ज्यादा पसीना आने पर पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
- पानी हमेशा धीरे-धीरे और दिनभर में बराबर अंतराल पर पीना चाहिए।
पानी पीने के फायदे
- लिवर हेल्दी रखे – लिवर को कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त हाइड्रेशन चाहिए।
- ब्लड को पतला करे – ज्यादा पानी से खून गाढ़ा नहीं होता और हार्ट पर दबाव कम होता है।
- पाचन सुधारता है – सही पाचन से शरीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है।
- एनर्जी लेवल बढ़ाए – डिहाइड्रेशन थकान लाता है, जबकि पर्याप्त पानी शरीर को एक्टिव रखता है।
सही तरीके से पानी पीने के टिप्स
- सुबह उठते ही 1-2 गिलास गुनगुना पानी पिएं।
- हर भोजन से पहले 15-20 मिनट पहले पानी पिएं।
- ज्यादा ठंडा पानी बार-बार पीने से बचें।
- प्लास्टिक की बोतल की बजाय तांबे या स्टील के बर्तन का पानी बेहतर है।
पानी अकेले कोलेस्ट्रॉल को कम नहीं करता, लेकिन यह शरीर की नेचुरल क्लीनिंग प्रोसेस को बेहतर बनाकर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को संतुलित डाइट, नियमित व्यायाम और दवाइयों के साथ-साथ पर्याप्त पानी ज़रूर पीना चाहिए।
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