गर्मी के मौसम में जब तेज धूप शरीर को थका देती है, तब गन्ने का रस एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक की तरह राहत देता है। यह न सिर्फ शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन A, B1, B2, B3, C, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, जिंक जैसे पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा भी देते हैं।
लेकिन सवाल ये है कि क्या डायबिटीज़ के मरीज गन्ने का रस पी सकते हैं?
🧪 गन्ने के रस में कितनी होती है शुगर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने के रस में लगभग:
70-75% पानी
13-15% सुक्रोज (प्राकृतिक चीनी)
10-15% फाइबर होता है।
एक अध्ययन बताता है कि सिर्फ 50 मिलीलीटर गन्ने के रस में करीब 50 ग्राम शुगर हो सकती है, जो लगभग 12 चम्मच चीनी के बराबर है।
जबकि स्वास्थ्य मानकों के अनुसार:
महिलाओं को रोजाना अधिकतम 24 ग्राम
पुरुषों को अधिकतम 36 ग्राम शुगर लेने की सलाह दी जाती है।
यानी डायबिटीज़ मरीजों को गन्ने के रस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
📉 डायबिटीज़ में गन्ने का रस कितना सुरक्षित?
गन्ने का रस ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) के हिसाब से कम (GI – 43) माना जाता है, जो एक हद तक सुरक्षित है।
लेकिन इसका ग्लाइसेमिक लोड (GL) ज्यादा होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है।
👉 यह रस लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) वाले मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हाई ब्लड शुगर वालों को इसे बहुत सीमित मात्रा में लेना चाहिए।
🔍 डायबिटीज़ मरीज कब न पिएं गन्ने का रस?
अगर आपके शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो गन्ने का रस पीने से बचें:
अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
तेज़ी से वजन घटना
थकावट या कमजोरी
चिड़चिड़ापन या मूड स्विंग्स
धुंधली दृष्टि
घावों का धीरे-से भरना
मसूड़ों या त्वचा में संक्रमण
🩺 गन्ने का रस पीने से पहले डॉक्टर से लें सलाह
डायबिटीज़ मरीज अगर गन्ने का रस पीना चाहते हैं तो:
डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें
सीमित मात्रा में ही सेवन करें
बाकी डाइट में मीठे, तले हुए और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें
सफेद ब्रेड, चावल, पास्ता जैसे हाई कार्ब वाले खाद्य से दूरी बनाएं
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