हमारी बॉडी को हेल्दी रखने के लिए कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है, जिनमें कैल्शियम का नाम सबसे ऊपर आता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में कैल्शियम की कमी होना आम बात है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है। कैल्शियम न सिर्फ हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, बल्कि मसल्स मूवमेंट, नर्वस सिस्टम और दिमाग से बॉडी तक मैसेज पहुँचाने में भी अहम रोल निभाता है।
अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो कई छोटी-बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। आइए जानते हैं, कैल्शियम की कमी से क्या-क्या असर पड़ता है:
💥 हड्डियों और दांतों पर असर
✅ ऑस्टियोपोरोसिस – हड्डियों की मजबूती घट जाती है, जिससे वे आसानी से टूट सकती हैं।
✅ ऑस्टियोमलेशिया – बड़ों में हड्डियां मुलायम हो जाती हैं, जिससे दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है।
✅ रिकेट्स (बच्चों में) – हड्डियों का टेढ़ा-मुड़ना और कमजोर होना।
✅ दांतों में कमजोरी और कैविटी का खतरा।
💪 मांसपेशियों पर असर
✅ मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव।
✅ कमजोरी और जल्दी थकान महसूस होना।
🧠 नर्वस सिस्टम पर असर
✅ हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नता।
✅ मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन।
❤️ दिल पर असर
✅ दिल की धड़कन अनियमित होना (एरिथमिया)।
✅ हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन।
✨ अन्य असर
✅ त्वचा में सूखापन और खुजली।
✅ नाखूनों का कमजोर होकर टूटना।
✅ बालों का गिरना और पतला होना।
⚖️ हार्मोनल असंतुलन
✅ पैराथायराइड हार्मोन का बढ़ना, जिससे हड्डियों से कैल्शियम खिंचकर बाहर आता है और हड्डियां और कमजोर हो जाती हैं।
🩸 खून के थक्के जमने में दिक्कत
✅ चोट लगने पर खून का देर से जमना, जिससे ज्यादा खून बह सकता है।
🥛 कैल्शियम की कमी दूर करने के उपाय
दूध, दही, पनीर जैसी डेयरी चीजों का सेवन करें।
हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और सीड्स डाइट में शामिल करें।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम सप्लीमेंट्स लें।
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