शादी के बाद महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी पेशाब की नली में संक्रमण एक आम समस्या बन जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण केवल यौन संबंध नहीं बल्कि कई अन्य कारक भी होते हैं। UTI न केवल असुविधा पैदा करता है बल्कि अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो किडनी तक संक्रमण फैलने का खतरा भी होता है।
शादी के बाद UTI होने के मुख्य कारण
यौन संबंध
शादी के बाद यौन जीवन शुरू होने से पेशाब की नली में बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं। यह बैक्टीरिया अक्सर मूत्र मार्ग से ऊपर की ओर बढ़कर संक्रमण पैदा करते हैं।
सही हाइजीन न रखना
असफाई या गलत तरीके से पोंछना (पीछे से आगे) पेशाब की नली में बैक्टीरिया पहुंचा सकता है।
पानी कम पीना
पानी कम पीने से मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया जमा होने का खतरा बढ़ जाता है।
हॉर्मोनल बदलाव
शादी के बाद शरीर में हार्मोन का स्तर बदलता है, जिससे मूत्र मार्ग की कोशिकाओं की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है।
कपड़ों की पसंद
बहुत तंग या सिंथेटिक अंडरवियर पहनने से पेशाब की नली में नमी बनी रहती है, जो बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है।
UTI के सामान्य लक्षण
बार-बार पेशाब आना
छोटी मात्रा में बार-बार पेशाब आना संक्रमण का मुख्य संकेत है।
जलन या दर्द
पेशाब करते समय जलन या दर्द होना आम लक्षण है।
मूत्र का रंग या गंध बदलना
पेशाब का रंग गहरा या गंदा दिखना, या बदबू महसूस होना।
कमर या पेट में दर्द
UTI के कारण कभी-कभी कमर या पेट में दर्द भी महसूस होता है।
बुखार या थकान
कभी-कभी संक्रमण से हल्का बुखार और थकान भी हो सकती है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर से परामर्श लेने से संक्रमण गंभीर नहीं होता और दवा के सही उपयोग से जल्दी ठीक हो जाता है।
UTI से बचाव के उपाय
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि मूत्र मार्ग साफ रहे।
पेशाब आने पर उसे रोकने की आदत न डालें।
संभोग के बाद पेशाब करना संक्रमण के जोखिम को कम करता है।
साफ और सूखी कपड़े पहने, विशेषकर अंडरवियर।
प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही का सेवन करें, जो मूत्र मार्ग के बैक्टीरिया संतुलन में मदद करते हैं।
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