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पैरों की मांसपेशियों में जलन और दर्द? खतरे की घंटी हो सकता है ये लक्षण

अक्सर लोग पैरों में थकान या हल्के दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मामूली लगने वाली परेशानी, शरीर में छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है? खासकर अगर यह दर्द चलते वक्त बढ़ता हो और आराम करने पर कम हो जाए, तो इसे Peripheral Artery Disease (PAD) यानी “पेरिफेरल आर्टरी डिजीज” का लक्षण माना जा सकता है। मेडिकल भाषा में इसे ‘क्लॉडिकेशन’ भी कहा जाता है।

यह समस्या खासकर उन लोगों में देखने को मिलती है जो धूम्रपान करते हैं, ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से ग्रसित हैं, या जिनका कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य से अधिक है।

क्या होता है Peripheral Artery Disease (PAD)?

पेरिफेरल आर्टरी डिजीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैरों की धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है, जिससे खून का प्रवाह बाधित हो जाता है। इसकी वजह से मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, और चलते वक्त दर्द शुरू हो जाता है। यह दर्द आमतौर पर जांघ, पिंडली या कभी-कभी कूल्हे में महसूस होता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

चलते समय या चढ़ाई करते वक्त पैरों में मरोड़ या जलन जैसा दर्द

कुछ कदम चलने के बाद पैरों में थकान

आराम करने पर दर्द का कम हो जाना

पैरों की त्वचा ठंडी लगना या रंग फीका पड़ जाना

पैरों के बाल झड़ना या नाखूनों की ग्रोथ धीमी होना

घाव या कट लगने पर देर से भरना

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

किन लोगों को है ज्यादा खतरा?

50 वर्ष से अधिक आयु के लोग

डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति

स्मोकिंग की आदत वाले लोग

फैमिली हिस्ट्री में हृदय रोग या स्ट्रोक का होना

मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता

बचाव और उपाय

जीवनशैली में सुधार: धूम्रपान तुरंत बंद करें। नियमित वॉकिंग और हल्की एक्सरसाइज PAD में लाभकारी मानी जाती है।

डाइट पर ध्यान दें: हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम वसा वाला भोजन लें।

ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में रखें: ये दोनों स्थितियां PAD को और खराब कर सकती हैं।

डॉक्टरी निगरानी: नियमित चेकअप कराते रहें, विशेषकर यदि आप जोखिम समूह में आते हैं।

जरूरत पड़ने पर दवा या सर्जरी: कुछ मामलों में दवाओं से इलाज संभव है, पर गंभीर स्थिति में एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

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