अंडा हमारे रोजमर्रा के भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे सुपरफूड कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। लेकिन बाजार में अक्सर यह चर्चा रहती है कि ब्राउन अंडा सफेद अंडे से ज्यादा फायदेमंद या ताकतवर होता है। आइए विशेषज्ञों की राय के साथ जानते हैं कि सफेद और ब्राउन अंडे में वास्तव में क्या अंतर है।
ब्राउन और सफेद अंडे में अंतर
अंडे का रंग और नस्ल
अंडे का रंग पूरी तरह से मुर्गी की नस्ल पर निर्भर करता है।
ब्राउन अंडा वह होता है जो ब्राउन रंग की मुर्गी से आता है, जबकि सफेद अंडा सफेद मुर्गी से प्राप्त होता है।
पोषक तत्वों में अंतर
एक्सपर्ट बताते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में दोनों अंडों में प्रोटीन, विटामिन B12, D और मिनरल्स लगभग बराबर मात्रा में होते हैं।
ब्राउन अंडा या सफेद अंडा, किसी में अधिक ताकत या पोषण का फर्क नहीं होता।
फर्क सिर्फ मुर्गी के खाने, पालन-पोषण और पर्यावरण पर निर्भर हो सकता है।
छोटा फर्क हो सकता है स्वाद और स्किनलिंग में
ब्राउन अंडे में कभी-कभी थोड़ा घना योल्क और ज्यादा स्वाद पाया जाता है।
इसका कारण मुर्गी का आहार और पालन-पोषण है, न कि रंग।
ब्राउन अंडे के मिथक
लोगों में यह धारणा है कि ब्राउन अंडा ज्यादा प्राकृतिक और स्वस्थ होता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि यह केवल दृष्टिगत और परंपरागत विश्वास है।
पोषण के लिहाज से सही मुर्गी और ताजा अंडा चुनना, रंग से ज्यादा अहम है।
सुरक्षित अंडे खरीदने और खाने की टिप्स
अंडे हमेशा ताजा और भरोसेमंद ब्रांड से खरीदें।
अंडे की खोल पर दरार या बदबू की जांच करें।
अंडा उबालकर, फ्राई करके या ऑमलेट के रूप में खाया जा सकता है।
रोजाना एक या दो अंडे से प्रोटीन की जरूरत पूरी की जा सकती है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए अंडे सुरक्षित मात्रा में सेवन करना महत्वपूर्ण है।
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