पुस्तक समीक्षा: ‘A Peacock’s Cry – Seasons of Haiku’
लेखिका: नीना सिंह
प्रकाशक: संभावना प्रकाशन, अप्रैल 2025
कुल पृष्ठ: 150
कुछ पुस्तकें ऐसी होती हैं जो एक मधुर राग की तरह आपके मन में बस जाती हैं। आप बार-बार उस रचना के कुछ अंशों को पढ़ना चाहते हैं—यह पुस्तक भी वैसी ही है। नीना सिंह की यह हाइकु-संग्रह पुस्तक “A Peacock’s Cry” एक सुंदर भावनात्मक यात्रा है, जिसमें हर मौसम की गहराई को हाइकु के माध्यम से संजोया गया है।
पुस्तक का आवरण तेज़ी से ध्यान आकर्षित करता है। तेजी सेठी द्वारा बनाई गई ‘मोर पंख’ की आकृति बेहद सादगीपूर्ण और आकर्षक है, जबकि ‘गोंड आर्ट’ से प्रेरित कीगो (ऋतुकालीन प्रतीक) प्रीति ऐसोला द्वारा तैयार किए गए हैं—विशेष रूप से शरद और शीत ऋतु के चित्र मन मोह लेते हैं। लेखक एलन समर्स की प्रस्तावना और प्रसिद्ध हाइकु कवि प्रवात कुमार पाध्य द्वारा लिखा गया ‘कीगो’ पर लेख पाठकों को हाइकु की गहराइयों तक ले जाते हैं।
वसंत ऋतु में नीना की कविताएं ताजगी और पुनर्जन्म की भावना से भरपूर हैं।
“spring clouds… / magnolia blossoms / scent the sky”
यहां बादल और फूल मिलकर जैसे आकाश तक अपनी खुशबू पहुंचा रहे हों।
ग्रीष्म ऋतु की कविताएं कोमलता और मासूमियत का परिचय कराती हैं:
“summer grass… / I whisper my secret / to the dew”
यह हाइकु पाठकों को कल्पना की उड़ान भरने का अवसर देता है।
मानसून में कवयित्री ने वर्षा के सौंदर्य को मोर के माध्यम से अभिव्यक्त किया है:
“rain bath / shedding the dust / a peacock’s cry”
यह हाइकु पुस्तक के शीर्षक का भी प्रेरणास्त्रोत है।
शरद ऋतु में उदासी और विरह की भावना:
“new moon / all the stories / mom never told”
यह रचना पाठकों के दिल को छू जाती है—अधूरे रह गए रिश्तों की अनकही कहानियों की तरह।
शीत ऋतु में धुंध और एकांत की अनुभूति होती है:
“deepening fog / the faint white call / of a grey heron”
यह हाइकु ध्यान और मौन की ओर आमंत्रित करता है।
“A Peacock’s Cry” एक ऐसी पुस्तक है जो आज के व्यस्त जीवन में एक शांत विराम का निमंत्रण देती है। हर पृष्ठ पर संवेदनाओं की एक मधुर रागिनी है जो अंत तक आते-आते आत्मा को एक आत्मिक तृप्ति प्रदान करती है।
पुस्तक किंडल और पेपरबैक दोनों संस्करणों में अमेज़न पर उपलब्ध है।
– पद्मा प्रिया
(हैदराबाद की एक प्रकाशित हाइकु कवि)
हाइकु क्या है?
हाइकु जापानी कविता की एक पारंपरिक शैली है, जिसमें केवल तीन पंक्तियाँ होती हैं—पहली में 5, दूसरी में 7, और तीसरी में 5 वर्ण होते हैं। यह अक्सर प्रकृति, ऋतु, और क्षण विशेष की अनुभूतियों को अत्यंत संक्षेप में प्रस्तुत करता है। हाइकु की खूबसूरती इसकी सादगी, मौन और प्रतीकात्मकता में निहित होती है।
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