आजकल बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और तनाव के कारण हार्ट डिज़ीज़ का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक की बड़ी वजह है नसों में ब्लॉकेज (Artery Blockage)। जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य तत्व जमा हो जाते हैं, तो रक्त प्रवाह रुकने लगता है। यही ब्लॉकेज समय रहते पहचान न होने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती संकेत
1. सीने में दर्द या दबाव
- हार्ट ब्लॉकेज का सबसे आम लक्षण।
- अक्सर भारीपन, जलन या दबाव महसूस होता है।
2. सांस लेने में तकलीफ
- हल्की एक्सरसाइज़ या चलते समय सांस फूलना ब्लॉकेज की ओर इशारा हो सकता है।
3. थकान और कमजोरी
- पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान रहना।
- शरीर को ऑक्सीजन न मिलने की वजह से ऊर्जा कम हो जाती है।
4. हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द
- ब्लॉकेज होने पर दर्द सिर्फ छाती में ही नहीं बल्कि हाथों, कंधे, गर्दन और जबड़े तक जा सकता है।
5. पसीना आना
- अचानक और अत्यधिक पसीना आना, खासकर बिना मेहनत किए, हार्ट ब्लॉकेज का चेतावनी संकेत हो सकता है।
6. चक्कर या बेहोशी
- ब्लॉकेज की वजह से ब्रेन तक पर्याप्त खून न पहुंचने पर चक्कर या बेहोशी आ सकती है।
ब्लॉकेज की वजहें
- ज्यादा तैलीय और जंक फूड का सेवन
- धूम्रपान और अल्कोहल
- मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज
हार्ट को ब्लॉकेज से बचाने के उपाय
- नियमित एक्सरसाइज़ और योग करें।
- डाइट में हरी सब्जियाँ, फल और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड शामिल करें।
- स्मोकिंग और अल्कोहल से दूरी बनाएँ।
- ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर कंट्रोल रखें।
- सालाना हेल्थ चेकअप जरूर कराएँ।
हार्ट ब्लॉकेज धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है, लेकिन इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर और समय रहते इलाज लेकर आप गंभीर खतरे से बच सकते हैं। अगर आपको ऊपर बताए गए संकेत नज़र आएँ, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएँ।
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