ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग को 7 दिन हो चुके हैं और इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, खामेनेई ने अपने उत्तराधिकारी के लिए तीन संभावित नामों का चयन कर लिया है। हालांकि, इन तीनों मौलवियों के नाम गोपनीय रखे गए हैं।
इस जानकारी को सार्वजनिक न करने के पीछे सुरक्षा कारणों के साथ-साथ यह आशंका भी है कि कहीं यह सत्ता में दरार न ला दे। जानकारों का कहना है कि ईरान चाहता है कि खामेनेई के बाद भी देश में कट्टरपंथी विचारधारा की पकड़ बनी रहे।
🛑 अमेरिका-इजराइल की धमकियों के बीच बढ़ी चिंता
86 वर्षीय अली खामेनेई की सेहत और उम्र को देखते हुए ईरान में लंबे समय से यह चर्चा चल रही है कि उनके बाद अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा।
अब जब अमेरिका और इजराइल द्वारा उनकी हत्या की धमकियां दी जा रही हैं, यह चिंता और गहरा गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान में शासन परिवर्तन की साजिश रच सकते हैं और सुप्रीम लीडर की हत्या के जरिए अपनी पसंद का नेता बैठाना चाहते हैं।
🗣️ खामेनेई ने खुद कहा – मेरी जान की कीमत नहीं, लेकिन विचारधारा ज़िंदा रहनी चाहिए
खुद खामेनेई ने एक बयान में कहा:
“मेरी जान की कोई कीमत नहीं है, लेकिन मेरे बाद भी इस्लामिक राष्ट्र को अपनी प्रतिबद्धताओं पर खड़ा रखना है।”
उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वे किसी ऐसे उत्तराधिकारी की तलाश में हैं, जो उनकी विचारधारा और नेतृत्व शैली को आगे ले जा सके।
⚠️ नाम न बताने के पीछे मोसाद और भीतरघात का डर
ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन आसान नहीं है क्योंकि दावेदार कई हैं।
इस समय इन नामों को उजागर करना अंदरूनी संघर्ष को जन्म दे सकता है, साथ ही इन नेताओं पर मोसाद जैसी विदेशी खुफिया एजेंसियों द्वारा हमले की आशंका भी बढ़ जाएगी।
इसी बीच, रेज़ा पहलवी – जो खुद को ईरान का “क्राउन प्रिंस” बताते हैं – लोगों से शासन के खिलाफ क्रांति की अपील कर चुके हैं।
🎯 इजराइल ने किए 30 से ज्यादा ईरानी नेताओं की हत्या
युद्ध के सात दिनों में इजराइल ने ईरान के 30 से अधिक कमांडरों और नेताओं की हत्या कर दी है।
ईरान में नागरिकों की मृत्यु संख्या 400 से अधिक हो चुकी है। वहीं, ईरान के जवाबी हमलों में इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं।
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