भारत ने कोयला उत्पादन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन के आंकड़े को पार करने पर गर्व जताया और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया।
पीएम मोदी बोले – यह गर्व का क्षण
पीएम मोदी ने कहा,
📢 “यह मील का पत्थर हमारे समर्पण और कड़ी मेहनत को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के हमारे लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगी।”
टिकाऊ खनन की ओर बढ़ा भारत
🔹 कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि,
“हमने सिर्फ कोयला उत्पादन नहीं बढ़ाया, बल्कि इसे टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया है।”
🔹 अत्याधुनिक तकनीकों और कुशल खनन प्रक्रियाओं की मदद से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कोयला उत्पादन में साल-दर-साल बढ़त
📊 2024 में: 988.32 मिलियन टन कोयले का उत्पादन
📊 2023 में: 918.02 मिलियन टन कोयला उत्पादन
📈 सालाना बढ़त: 7.66%
भारत – वैश्विक ऊर्जा लीडर बनने की राह पर
जी किशन रेड्डी ने ट्वीट कर कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ऊर्जा क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर बनने की ओर अग्रसर है। यह हमारे देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ की हड्डी साबित होगा।”
क्या होगी अगली चुनौती?
👉 भारत को अपनी बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन को और टिकाऊ एवं कुशल बनाना होगा।
👉 हरित ऊर्जा और कोयला खनन के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
निष्कर्ष
भारत की 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन की उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। यह न केवल देश की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी रफ्तार देगा।
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