हिमाचल में आपदा राहत पर बड़ा फैसला: पांच लाख तक के टेंडर अब ऑफलाइन, जल्द आएगा राहत पैकेज

हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपये तक के टेंडर अब ऑफलाइन प्रक्रिया से जारी किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार दोपहर मंडी दौरे से लौटने के बाद शिमला में आयोजित राजस्व विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया।

जल्द आएगा आपदा राहत पैकेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार जल्द ही एक विशेष आपदा राहत पैकेज लेकर आएगी। उन्होंने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए ताकि प्रभावित लोगों को जल्द सहायता मिल सके।

जिनका मकान नष्ट हुआ, उन्हें मिलेगा दोबारा बसने का मौका
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिन लोगों के घर आपदा में पूरी तरह तबाह हो गए हैं, उन्हें पुनर्वास के लिए वन भूमि पर भवन बनाकर बसाया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2023 में हिमाचल विधानसभा ने इस विषय में एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन अब केंद्र से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।

भाजपा नेताओं से केंद्र में हिमाचल की आवाज उठाने की अपील
मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों और नेताओं से अनुरोध किया कि वे केंद्र सरकार के सामने हिमाचल के मुद्दे उठाएं। उन्होंने कहा:

“अगर भाजपा के सांसद हमारे साथ नहीं चलना चाहते, तो हम उनके नेतृत्व में दिल्ली जाने को तैयार हैं। केंद्र से मदद मिलती है तो श्रेय भी उन्हें ही मिलेगा।”

अब तक 800 करोड़ का नुकसान, लापता लोगों की तलाश जारी
अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से 800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला उपायुक्तों से लापता लोगों की रिपोर्ट मांगी गई है और अब उनके मिलने की संभावना बहुत कम है।

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