भारतीय क्रिकेट के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। मुंबई टीम के पूर्व कप्तान मिलिंद रेगे का बुधवार, 19 फरवरी की सुबह दिल की धड़कन रुकने के कारण निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया था। दिलचस्प बात यह है कि 16 फरवरी को ही उन्होंने अपना 76वां जन्मदिन मनाया था, लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद क्रिकेट जगत को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
क्रिकेट को बीच में ही छोड़ना पड़ा
मिलिंद रेगे को लेकर कहा जाता है कि उनमें क्रिकेट के लिए जबरदस्त जुनून था, लेकिन 26 साल की उम्र में हार्ट अटैक आने के कारण उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा। अगर ऐसा न हुआ होता, तो वे शायद टीम इंडिया के लिए भी खेलते। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका बड़ा नाम था और वे मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से जुड़े रहे। उन्होंने करीब तीन दशक तक MCA के सेलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं और क्रिकेट इम्प्रूवमेंट कमेटी का भी हिस्सा रहे।
सचिन तेंदुलकर को मौका देने वाले शख्स!
1988-89 के घरेलू सीजन में जब सचिन तेंदुलकर महज 15 साल के थे, तब मुंबई टीम में उनके चयन में मिलिंद रेगे की अहम भूमिका थी। वे MCA की चयन समिति के सदस्य थे और उन्हीं की बदौलत सचिन को पहली बार फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए क्रिकेट में मौका मिला।
मिलिंद रेगे का क्रिकेट करियर
1966-67 से 1977-78 तक घरेलू क्रिकेट खेला।
मुंबई टीम के स्पिन ऑलराउंडर थे।
52 फर्स्ट क्लास मैच खेले।
23.56 की औसत से 1532 रन बनाए।
29.83 की औसत से 126 विकेट लिए।
क्रिकेट के लिए जीवनभर समर्पित रहे
खेल छोड़ने के बावजूद मिलिंद रेगे हमेशा क्रिकेट से जुड़े रहे। 76 साल की उम्र में भी वे MCA के क्रिकेट एडवाइजर के रूप में काम कर रहे थे। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भारतीय क्रिकेट ने एक सच्चे खिलाड़ी और मार्गदर्शक को खो दिया है।
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