साउथ फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और निर्देशक मनोज भारतीराजा का बीती शाम 25 मार्च को निधन हो गया। उनकी मृत्यु चेन्नई के चेटपेट स्थित उनके आवास पर हुई। वह महज 48 वर्ष के थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। उनके असामयिक निधन से साउथ फिल्म इंडस्ट्री और फैंस में गहरा शोक है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जताया दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मनोज भारतीराजा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा –
“अभिनेता और निर्देशक भारतीराजा के बेटे मनोज भारतीराजा के निधन की खबर से मैं स्तब्ध हूं। उन्होंने अपने पिता की फिल्म ‘ताजमहल’ से करियर की शुरुआत की थी और ‘समुथिरम’, ‘अल्ली अर्जुन’, ‘वरुशामेलम वसंतम’ जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाई।”
संगीतकार इलैयाराजा ने भी जताया शोक
मशहूर संगीतकार इलैयाराजा ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए लिखा –
“यह खबर मेरे लिए बहुत ही दुखद है। मेरे प्रिय मित्र भारतीराजा के बेटे मनोज भारतीराजा का असमय निधन चौंकाने वाला है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।”
कौन थे मनोज भारतीराजा?
मनोज भारतीराजा, तमिल सिनेमा के लीजेंडरी निर्देशक और अभिनेता भारतीराजा के बेटे थे।
🔹 उनकी पत्नी का नाम अश्वथी उर्फ नंदना है।
🔹 उनकी दो बेटियां अर्शिता और मथिवाथानी हैं।
🔹 उनके असमय निधन से परिवार, फैंस और फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है।
मनोज भारतीराजा का फिल्मी करियर
✔ 1999 में ‘ताजमहल’ से किया था डेब्यू
मनोज भारतीराजा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1999 में अपने पिता की फिल्म ‘ताजमहल’ से की थी। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसके ए.आर. रहमान द्वारा रचित गाने बेहद लोकप्रिय हुए।
✔ इन फिल्मों में किया था अभिनय
इसके बाद उन्होंने ‘अल्ली अर्जुन’, ‘महा नादिगन’, ‘वरुशामेलम वसंतम’ और ‘समुथिरम’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया।
✔ फिल्म निर्देशन में भी आजमाया हाथ
एक अभिनेता के रूप में पहचान बनाने के बाद, मनोज भारतीराजा ने तमिल फिल्मों का निर्देशन भी किया।
✔ गायकी में भी था जुनून
मनोज भारतीराजा ने ‘ईची एलुमिची’ गाने को गाकर सिंगिंग में भी हाथ आजमाया था।
मनोज भारतीराजा का असमय निधन – इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति
मनोज भारतीराजा के अचानक निधन से फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को गहरा धक्का लगा है।
🔹 उनकी कलात्मक विरासत उनके पिता भारतीराजा के नाम से जुड़ी थी।
🔹 वह अभिनय, निर्देशन और गायकी में भी अपनी पहचान बनाने में लगे थे।
🔹 इतनी कम उम्र में उनका जाना, तमिल सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है।
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