भारत गुरुवार, 12 फरवरी, 2026 को पूरे देश में भारत बंद की तैयारी कर रहा है। इसे 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों (जिनमें CITU, AITUC, INTUC, HMS, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC शामिल हैं) के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाया है और इसे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) जैसे किसान संगठनों का सपोर्ट है। ऑर्गनाइज़र का दावा है कि केंद्र की पॉलिसी का विरोध करते हुए 30 करोड़ से ज़्यादा वर्कर इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
**मुख्य मांगों** में चार नए लेबर कोड (2025 के आखिर में नोटिफ़ाई किए गए, 29 कानूनों की जगह लेंगे, जिन पर जॉब सिक्योरिटी, मोलभाव के अधिकार और सोशल प्रोटेक्शन को कमज़ोर करने का आरोप है) को रद्द करना, इंडिया-US अंतरिम ट्रेड डील का विरोध करना (जिससे सस्ते इंपोर्ट से खेती, डेयरी और किसानों को नुकसान होने का डर है), VB-G RAM G एक्ट 2025 (MGNREGA की जगह), SHANTI एक्ट (न्यूक्लियर एनर्जी में बदलाव), ड्राफ़्ट सीड बिल, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जैसे कानूनों को खत्म करना, पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करना, ₹9,000 मिनिमम पेंशन और प्राइवेटाइज़ेशन को रोकना शामिल है।
**असर: क्या खुला है और क्या बंद?**
– **बैंक और फ़ाइनेंस**: पब्लिक सेक्टर के बैंकों (जैसे, SBI, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, PNB) को यूनियन की भागीदारी (AIBEA, BEFI, वगैरह) के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्रांच खुल सकती हैं लेकिन चेक क्लियरेंस, डिपॉज़िट/विड्रॉल और काउंटर सर्विस में देरी हो सकती है। प्राइवेट बैंकों में शायद नॉर्मल रहेगा। ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और ATM काम करेंगे। RBI की कोई ऑफिशियल छुट्टी नहीं है।
– **स्कूल और कॉलेज**: पूरे देश में कोई छुट्टी घोषित नहीं की गई है। ज़्यादातर इंस्टीट्यूशन खुले रहेंगे, लेकिन केरल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और असम जैसे मज़बूत केंद्र शासित राज्यों में बंद या कम अटेंडेंस हो सकती है। पेरेंट्स/स्टूडेंट्स को लोकल लेवल पर पता करना चाहिए।
– **ट्रांसपोर्ट और मार्केट**: बड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। सरकारी बसें, ऑटो-रिक्शा और ट्रक विरोध वाले इलाकों में “चक्का जाम” (रोड ब्लॉकेड) के साथ रुक सकते हैं। रेलवे और एयरपोर्ट नॉर्मल चल रहे हैं, लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट की दिक्कतों की वजह से पहुंचना मुश्किल हो सकता है। प्रभावित इलाकों (जैसे, केरल, ओडिशा में लगभग पूरी तरह से बंद) में होलसेल/लोकल मार्केट और दुकानें बंद हो सकती हैं।
– **ज़रूरी सर्विस**: हॉस्पिटल, फार्मेसी, दूध सप्लाई, एम्बुलेंस, फायर सर्विस और इमरजेंसी ऑपरेशन को छूट दी गई है और उनके नॉर्मल चलने की उम्मीद है।
**राज्यवार आउटलुक**: केरल और ओडिशा में गंभीर (पूरी तरह से बंद होने की उम्मीद); पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, असम, आंध्र प्रदेश में थोड़ी/ज़्यादा भागीदारी; दिल्ली/NCR और मेट्रो में कम, लेकिन कभी-कभी विरोध प्रदर्शन। असर लोकल यूनियन की ताकत और जगह के हिसाब से अलग-अलग होता है।
आने-जाने वालों और रहने वालों को पहले से प्लान बनाना चाहिए, हो सके तो प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए, और लोकल अपडेट्स पर नज़र रखनी चाहिए। बंद का मकसद सरकार पर दबाव बनाना है, लेकिन इससे ज़िंदगी पूरी तरह नहीं रुकेगी—ज़रूरी काम जारी रहेंगे।
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