रतन टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। देश और दुनिया के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा किसी पहचान के मोहताज नहीं। उनकी शख्सियत कुछ ऐसी रही कि उन्हें हर कोई पसंद करता है।
रतन टाटा के रहते हुए टाटा ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों ने देश के खिलाड़ियों को हमेशा सपोर्ट किया। वो खेल में काफी रुचि रखते थे। उनकी सहायता से कई खिलाड़ी आगे बढ़े और बाद में वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। बीसीसीआई और टाटा ग्रुप के बीच भी कनेक्शन काफी मजबूत रहा है। इस दुख के मौके पर बीसीसीआई ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, “श्री रतन टाटा जी के निधन से बहुत दुख हुआ। उनके नेतृत्व, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण ने विरासत के लिए उल्लेखनीय मानक स्थापित किए। उनके प्रिय जनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। श्रद्धांजलि, सर।”
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी एक खास पोस्ट में उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “भारत माता का सच्चा रत्न!”
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को मुंबई में हुआ था और वे 1962 में एक युवा कार्यकारी के रूप में टाटा समूह में शामिल हुए थे।
भारतीय उद्योग जगत में रतन टाटा व्यावसायिक दृष्टिकोण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर और समाज सेवा को प्राथमिकता दी। उनकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि उन्होंने व्यक्तिगत संबंधों की बजाय अपने व्यवसाय और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी।
उनका मानना था कि व्यक्तिगत रिश्तों से अधिक महत्वपूर्ण है समाज की सेवा करना। रतन टाटा ने अपनी ऊर्जा और समय को उन प्रोजेक्ट्स में लगाना उचित समझा, जो समाज के लिए लाभकारी हो।
उन्हें 2008 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें कई भारतीय और वैश्विक विश्वविद्यालयों से विभिन्न पुरस्कार, मानद डॉक्टरेट और अन्य सम्मान भी मिले हैं।
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