आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन और लैपटॉप ने हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन लिया है। लेकिन देर रात तक सोशल मीडिया, वीडियो या गेम्स पर स्क्रॉल करना नींद को बरबाद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की गुणवत्ता में कमी केवल थकान ही नहीं लाती, बल्कि यह स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि मानसिक तनाव, याददाश्त में कमी और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का कारण भी बन सकती है।
लेट नाइट स्क्रॉलिंग और नींद का संबंध
स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) हमारे शरीर के मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है। यह हार्मोन नींद को नियंत्रित करता है। जब मेलाटोनिन का स्तर कम होता है, तो नींद में बाधा आती है और व्यक्ति देर तक जागता रहता है।
खाने से मिल सकती है राहत
डाइट में कुछ विशेष खाद्य पदार्थ शामिल करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। ये फूड्स शरीर को सुकून देने वाले न्यूरोट्रांसमीटर और मेलाटोनिन के निर्माण में मदद करते हैं।
नींद सुधारने वाले 10 फूड्स
बादाम – इसमें मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन होता है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करता है।
दूध – रात को गर्म दूध पीने से मेलाटोनिन का स्तर बढ़ता है।
केले – पोटैशियम और मैग्नीशियम से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और नींद आती है।
ओटमील – कार्बोहाइड्रेट्स से मेलाटोनिन का स्तर बढ़ता है और नींद गहरी होती है।
अखरोट – ओमेगा-3 फैटी एसिड से मेलाटोनिन उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
कैमोमाइल टी – प्राकृतिक रूप से शरीर को शांत करती है और नींद में मदद करती है।
कीवी – इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और सेरोटोनिन होता है, जो नींद के चक्र को सुधारता है।
अंजीर – इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करता है।
साबुत अनाज – इसमें ट्रिप्टोफैन होता है, जो नींद में सुधार करता है।
पालक – इसमें मैग्नीशियम होता है, जो मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को शांत करता है।
विशेषज्ञों की सलाह
सोने से दो घंटे पहले स्क्रीन टाइम कम करें।
रात के खाने में हल्का और संतुलित भोजन लें।
कैफीन और चीनी से बचें, खासकर रात में।
योग और मेडिटेशन से मानसिक तनाव कम किया जा सकता है।
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