जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तार जब पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ते पाए गए, ठीक उसी वक्त पाकिस्तान ने अपने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ की सर्वोच्च सैन्य रैंक पर प्रमोट कर दिया। यह फैसला पाकिस्तान की कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दी।
फील्ड मार्शल का दर्जा न केवल सम्मानजनक है, बल्कि यह पाकिस्तान की राजनीति और सेना दोनों में गहरी दखल रखने की ताकत देता है। अब मुनीर के पास न केवल सैन्य फैसलों में निर्णायक अधिकार होंगे, बल्कि वे खुफिया और रणनीतिक नीति निर्धारण में भी सर्वोपरि बन जाएंगे।
पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तानी सेना के ही एक अधिकारी का कबूलनामा सामने आया है, जिसमें उसने दावा किया है कि इस हमले की योजना असीम मुनीर ने खुद बनाई थी। ऐसे में फील्ड मार्शल की यह पदोन्नति भारत के लिए चिंता का कारण बन सकती है।
मुनीर की नई भूमिका और संभावित खतरे
फील्ड मार्शल के तौर पर असीम मुनीर अब पाक सेना, ISI और अन्य खुफिया एजेंसियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने की खुली छूट पा सकते हैं। यह भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर, आतंकवाद और साइबर हमलों जैसे ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ को और तेज कर सकता है। उनकी नई ताकत भारत-पाक रिश्तों में और तनाव बढ़ा सकती है।
यह भी पढ़ें:
गूगल ला रहा है स्मार्ट AI फीचर्स और नया Android – पूरी जानकारी यहां
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check