उम्र के साथ शरीर में बदलाव होना सामान्य है, लेकिन 40 की उम्र के बाद पैरों की मांसपेशियाँ पतली और कमजोर होने लगती हैं। लंबे समय तक बैठे रहने, कम एक्सरसाइज और मेटाबॉलिज्म धीमा होने की वजह से यह समस्या बढ़ती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि पैरों की मजबूती बनाए रखना सिर्फ फिटनेस के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवनशैली में सहूलियत और जोड़ों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
क्यों कमजोर और पतले होते हैं पैर?
मसल मास कम होना: उम्र बढ़ने के साथ पैरों की मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं।
सक्रियता में कमी: लंबे समय तक बैठना या कम चलना पैरों की ताकत घटा देता है।
हार्मोन और मेटाबॉलिज्म बदलाव: 40 के बाद मेटाबॉलिज्म धीमा और हार्मोन्स में बदलाव मांसपेशियों पर असर डालते हैं।
पैर मजबूत और टोंड करने के लिए 5 असरदार एक्सरसाइज:
स्क्वाट्स (Squats)
पैरों को कंधे की चौड़ाई में रखें, धीरे-धीरे बैठें और उठें।
जांघ, कूल्हा और निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं।
लंजेस (Lunges)
एक पैर आगे और एक पीछे रखकर धीरे-धीरे झुकें और उठें।
संतुलन और स्ट्रेंथ दोनों बढ़ाते हैं, हिप्स और जांघ को टोंड करते हैं।
काफ रेज़ (Calf Raises)
पैरों के पंजों पर उठें और धीरे-धीरे नीचे आएँ।
टखनों और पिंडली की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
साइड लेग रेज़ (Side Leg Raises)
बगल में लेटकर ऊपर वाले पैर को उठाएँ और नीचे लाएँ।
हिप्स और साइड मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
ब्रिज पोज़ (Bridge Pose)
पीठ के बल लेटकर कूल्हों को ऊपर उठाएँ और नीचे लाएँ।
हिप्स, ग्लूट्स और जांघ की मांसपेशियों को एक्टिव करता है।
विशेष सुझाव:
एक्सरसाइज करते समय धीरे-धीरे रिपीटेशन करें।
शुरुआत में 10-12 दोहराव पर्याप्त हैं, धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
नियमित वर्कआउट के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
जोड़ों में दर्द या कोई चोट है तो फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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