प्री-डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से थोड़ा अधिक होता है, लेकिन यह डायबिटीज नहीं होती। अगर समय रहते इसे पहचान लिया जाए तो डायबिटीज बनने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं इसके मुख्य लक्षण और बचाव के तरीके।
प्री-डायबिटीज के लक्षण
- अधिक प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना
शरीर में शुगर बढ़ने से यह दोनों लक्षण आम होते हैं। - थकान और कमजोरी
ग्लूकोज का सही उपयोग न होने के कारण शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है। - वजन में अचानक बदलाव
कुछ लोगों में वजन घटने या बढ़ने की समस्या नजर आती है। - धुंधला दिखाई देना
ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित होने पर आंखों पर असर पड़ता है और दृष्टि थोड़ी धुंधली हो सकती है। - धीरे-धीरे घाव भरना
त्वचा पर चोट या घाव जल्दी नहीं भरते और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
प्री-डायबिटीज से बचाव के आसान तरीके
- स्वस्थ आहार अपनाएँ
- अधिक शुगर और प्रोसेस्ड फूड से परहेज़ करें।
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें।
- नियमित व्यायाम करें
- रोज़ाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।
- योग और स्ट्रेचिंग से मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है।
- वजन नियंत्रण में रखें
- वजन बढ़ने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है।
- संतुलित डाइट और एक्सरसाइज से स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- ब्लड शुगर नियमित जांचें
- समय-समय पर फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट करवाएँ।
- तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें
- स्ट्रेस और नींद की कमी से ब्लड शुगर प्रभावित होता है।
- ध्यान, मेडिटेशन और सही नींद जरूरी है।
प्री-डायबिटीज समय रहते पहचान और रोकथाम योग्य है। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित जांच के साथ आप इस स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं और भविष्य में डायबिटीज बनने से बच सकते हैं।
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