हम में से बहुत से लोग शुगर फ्री प्रोडक्ट्स का सेवन करते हैं, जैसे च्युइंग गम, मिंट, और टूथपेस्ट, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन प्रोडक्ट्स में मौजूद जाइलिटॉल आपकी सेहत पर असर डाल सकता है? यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में यह पाया गया है कि जाइलिटॉल का ज्यादा सेवन दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
शुगर फ्री का मिठास दिल के लिए हो सकता है खतरनाक
जाइलिटॉल, जो आमतौर पर शुगर के स्थान पर शुगर फ्री प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होता है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है। स्टडी के अनुसार, जाइलिटॉल खून में प्लेटलेट्स को जमने का कारण बन सकता है, जिससे ब्लड क्लॉट्स दिल या दिमाग तक पहुंच सकते हैं, और तीन साल में दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है।
जाइलिटॉल का असर और इसके सेवन से जुड़ी जरूरी बातें
जाइलिटॉल को चीनी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसका असर कोलेस्ट्रॉल की तरह होता है। इसे ज्यादा खाने से सेहत को फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है। इसके प्राकृतिक स्रोत फूलगोभी, बैंगन, मशरूम, पालक, और स्ट्रॉबेरी जैसे खाद्य पदार्थों में मिलते हैं, लेकिन इनमें जाइलिटॉल की मात्रा बहुत कम होती है।
शुगर फ्री प्रोडक्ट्स में जाइलिटॉल का इस्तेमाल
कमर्शियल तौर पर जाइलिटॉल को मक्के के भुट्टे या जेनेटिकली मॉडिफाइड बैक्टीरिया से तैयार किया जाता है। यह शुगर फ्री च्युइंग गम, ब्रीथ मिंट, टूथपेस्ट, केचप, माउथवॉश और पीनट बटर में इस्तेमाल होता है।
क्या जाइलिटॉल ब्लड शुगर पर असर डालता है?
जाइलिटॉल का एक बड़ा फायदा यह है कि यह ब्लड शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता है, इसलिए डायबिटीज, प्री डायबिटीज या मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए इसे चीनी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
क्या है जाइलिटॉल?
जाइलिटॉल एक शुगर अल्कोहल है जो कई फल और सब्जियों में नेचुरली पाया जाता है। इसके केमिकल कंपोजिशन में शुगर के समानता होती है, लेकिन इसमें कैलोरी कम होती है। इसी वजह से यह सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच लोकप्रिय है, और बेकरी उत्पादों में भी इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है।
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