सर्दियों का सुपरफूड आंवला: चबाएं या जूस पीएं, जानें एक्सपर्ट की राय

सर्दियों में शरीर की इम्यूनिटी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इसी दौरान बाजार में उपलब्ध एक लोकप्रिय सुपरफूड है आंवला, जिसे भारतीय पारंपरिक आयुर्वेद में सर्दियों की दवा भी कहा जाता है। आंवले में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। लेकिन अक्सर लोग यह सवाल करते हैं—आंवला सीधा चबाकर खाना चाहिए या इसका जूस पीना फायदेमंद होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस पर अपनी राय रखते हैं।

आंवला के पोषण और फायदे

इम्यूनिटी बढ़ाता है
आंवले में उच्च मात्रा में विटामिन C पाया जाता है, जो सर्दियों में होने वाले सर्दी-जुकाम, खांसी और गले की खराश से लड़ने में मदद करता है।

त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद
एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण आंवला त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाता है और बालों को मजबूत बनाता है।

पाचन सुधारता है
आंवला में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है।

दिल और हृदय के लिए लाभकारी
इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है।

चबाकर खाना बनाम जूस पीना

चबाकर खाना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि संपूर्ण आंवला को चबाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर और विटामिन C धीरे-धीरे शरीर में अवशोषित होते हैं।

चबाने से दांत और मसूड़ों की सेहत भी मजबूत होती है।

पूरे फल को खाने पर आपको पाचन लाभ भी मिलता है।

जूस पीना

जूस पीना सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसमें फाइबर की कमी हो जाती है।

अगर जूस में शुगर या अन्य मिलावट है तो स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है।

ताजा और बिना शुगर वाला आंवला जूस पीना त्वचा और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है, लेकिन पूरे फल जैसा संतुलित पोषण नहीं देता।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

रोजाना 1-2 आंवले चबाने या 1 गिलास ताजा आंवला जूस लेना पर्याप्त है।

यदि आपके पेट में समस्या हो या एसिडिटी है, तो जूस का सेवन धीरे-धीरे करें।

बच्चों और बुजुर्गों को मध्यम मात्रा में आंवला देना चाहिए।

आंवले को ड्राई फ्रूट्स और हल्दी के साथ मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है, जिससे पोषण और भी बढ़ जाता है।

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