हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन न सिर्फ अपनी दमदार अभिनय प्रतिभा, बल्कि अपने सिद्धांतों और स्पष्ट विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। छह दशकों से ज्यादा के करियर में बिग बी ने शोहरत, सम्मान और आलोचना—तीनों को समान गरिमा के साथ स्वीकार किया है। लेकिन एक किस्सा ऐसा भी है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में पुरस्कारों की विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी थी। यह किस्सा उस वक्त का है, जब अमिताभ बच्चन ने खुले तौर पर अवॉर्ड “खरीदने” से इनकार कर दिया था।
फिल्म इंडस्ट्री में यह चर्चा कोई नई नहीं है कि कई पुरस्कार आयोजनों में नामांकन या सम्मान के लिए पैसे या प्रभाव का इस्तेमाल किया जाता है। इसी संदर्भ में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान अमिताभ बच्चन का बयान सामने आया था—“अमिताभ बच्चन अवॉर्ड नहीं खरीदता।” यह वाक्य उस समय काफी सुर्खियों में रहा और उनके व्यक्तित्व की मजबूती को दर्शाता है।
बताया जाता है कि बिग बी को एक प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में सम्मानित किए जाने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी थीं। जब उन्हें यह आभास हुआ कि सम्मान पूरी तरह योग्यता के बजाय अन्य कारणों से दिया जा रहा है, तो उन्होंने उसे स्वीकार करने से साफ मना कर दिया। अमिताभ बच्चन का मानना रहा है कि पुरस्कार तभी मायने रखते हैं, जब वे कलाकार की मेहनत और काम के आधार पर दिए जाएं, न कि सौदेबाजी से।
अमिताभ बच्चन पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उनके लिए दर्शकों का प्यार सबसे बड़ा सम्मान है। उनके अनुसार, अगर किसी कलाकार का काम लोगों के दिलों तक पहुंचता है, तो वही उसकी असली उपलब्धि है। अवॉर्ड मंच पर मिलने वाली ट्रॉफी से ज्यादा महत्वपूर्ण वह भरोसा है, जो दर्शक वर्षों तक बनाए रखते हैं।
बिग बी का यह रुख इसलिए भी अहम माना जाता है, क्योंकि वह उस दौर के सुपरस्टार हैं, जब पुरस्कार समारोहों की चमक अपने चरम पर थी। चाहें तो वह आसानी से हर मंच पर सम्मान पा सकते थे, लेकिन उन्होंने हमेशा चयन को आयोजकों पर छोड़ दिया। यही वजह है कि उन्हें मिले पुरस्कारों को आज भी सम्मान और विश्वसनीयता की नजर से देखा जाता है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अमिताभ बच्चन का यह कदम युवा कलाकारों के लिए एक मिसाल है। यह संदेश साफ है कि सम्मान खरीदा नहीं जाता, बल्कि अपने काम से अर्जित किया जाता है। आज भी जब अवॉर्ड शोज की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तब बिग बी का यह पुराना बयान प्रासंगिक नजर आता है।
अमिताभ बच्चन का करियर इस बात का प्रमाण है कि सच्ची सफलता टिकाऊ होती है। उन्होंने बिना किसी विवाद या समझौते के अपने काम से वह मुकाम हासिल किया, जहां पुरस्कार उनके पीछे-पीछे आए, न कि उन्होंने पुरस्कारों के पीछे दौड़ लगाई।
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