यूरोप में युद्ध और शांति समझौते को लेकर मची हलचल के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सुर्खियों में हैं। बुधवार को इटली की संसद में उन्होंने करीब 1 घंटे तक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने युद्ध, शांति समझौते और व्यापार शुल्क (टैरिफ) को लेकर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की।
ट्रंप के फैसले से प्रभावित पूरा यूरोप!
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, मेलोनी ने कहा कि,
“अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो किया है, वो काबिल-ए-तारीफ है। ट्रंप ने कुर्सी संभालते ही पूरे यूरोप को हिला दिया। पूरी दुनिया आज उनके फैसलों से प्रभावित हो रही है। ट्रंप से लड़ाई करना किसी के लिए फायदेमंद नहीं है।”
मेलोनी ने यह भी साफ किया कि इटली यूरोप के दबाव में नहीं आएगा और अपने हितों के हिसाब से फैसले लेगा।
मैक्रों और स्टार्मर पर साधा निशाना
सीनेट में अपने भाषण के दौरान मेलोनी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा,
“तीन साल से यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है, लाखों लोग मारे जा चुके हैं। हमारा काम शांति स्थापित करना है, न कि आग में घी डालना। ट्रंप जो कर रहे हैं, वो सही दिशा में है और हम उनके साथ हैं।”
मेलोनी ने फ्रांस और ब्रिटेन पर हमला बोलते हुए कहा कि,
“मैक्रों और स्टार्मर शांति सैनिक भेजकर युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं। यह रणनीति पूरी तरह गलत है और इससे यूरोप को ही नुकसान होगा।”
अमेरिका से व्यापार युद्ध नहीं करेगा इटली
मेलोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इटली अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर में शामिल नहीं होगा।
उन्होंने कहा,
“हमने फैसला किया है कि अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर टकराव नहीं करेंगे, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे। टैरिफ के बदले टैरिफ लगाने से कोई हल नहीं निकलेगा।”
पहले भी ट्रंप की तारीफ कर चुकी हैं मेलोनी
यह पहली बार नहीं है जब मेलोनी ने ट्रंप की खुलकर सराहना की हो। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि,
“ट्रंप की जीत से दुनिया के वामपंथी घबरा गए हैं और इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।”
मेलोनी ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं और अब उनके फैसलों का समर्थन कर यूरोप में एक अलग रुख अपना रही हैं।
कौन हैं जॉर्जिया मेलोनी?
48 साल की जॉर्जिया मेलोनी वर्ष 2022 में इटली की प्रधानमंत्री बनीं और तब से ही अपने अलग और बेबाक रवैये के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने पार्षदी के चुनाव से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और आज यूरोप की प्रमुख हस्तियों में गिनी जाती हैं।
यह भी पढ़ें:
विकी कौशल की ‘छावा’ का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, जॉन की फिल्म भी नहीं टक्कर दे पाई
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check