हाल ही में लिस्ट हुए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो लिमिटेड के शेयर 23 दिसंबर, 2025 को लगातार तीसरे सेशन में तेज़ी से गिरे, NSE पर इंट्राडे में ये **8.75%** तक गिरकर करीब ₹184-185 पर आ गए। इससे दिसंबर की शुरुआत में ₹254 के पोस्ट-लिस्टिंग हाई से गिरावट बढ़कर करीब **24%** हो गई।
यह गिरावट 10 दिसंबर, 2025 को शानदार डेब्यू के बाद हुई है, जहाँ शेयर प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे और सिर्फ़ एक हफ़्ते में ₹111 के IPO प्राइस बैंड से 100% से ज़्यादा बढ़ गए थे, जिससे मार्केट कैपिटलाइज़ेशन कुछ समय के लिए ₹1 लाख करोड़ से ऊपर चला गया था। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह गिरावट शुरुआती निवेशकों द्वारा तेज़ी से हुई रैली के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग और सीमित फ़्री-फ़्लोट के कारण हुई है, जिससे वोलैटिलिटी बढ़ गई है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम ज़्यादा रहा, दोपहर तक करीब 7 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ, जिनकी कीमत ₹1,300 करोड़ से ज़्यादा थी, जो बिकवाली के बावजूद मज़बूत भागीदारी को दिखाता है। ₹5,421 करोड़ का IPO (3-5 दिसंबर) 79 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ था, जो मज़बूत QIB डिमांड के कारण हुआ।
मार्केट कैपिटलाइज़ेशन अपने पीक लेवल से गिरकर करीब ₹84,000 करोड़ हो गया है। गिरावट के बावजूद, शेयर इश्यू प्राइस से करीब **68%** ऊपर हैं, जिससे IPO अलॉटीज़ को अच्छा रिटर्न मिला है।
एक्सपर्ट्स इस गिरावट को ज़्यादा वैल्यूएशन वाले नए ज़माने के स्टॉक में एक हेल्दी रीसेट के तौर पर देख रहे हैं, और वैल्यू ई-कॉमर्स में मीशो के स्केल को लेकर लॉन्ग-टर्म उम्मीदें बरकरार हैं।
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