अमेरिका ने रोकी यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई, ज़ेलेंस्की परेशान — ट्रंप के फैसले से पुतिन को राहत

अमेरिका ने यूक्रेन के लिए भेजे जा रहे हथियारों की आपूर्ति अचानक रोक दी है, जिससे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की बेहद चिंतित हैं। ये फ़ैसला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से लिया गया है, जिससे व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी गुप्त समझौते की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

पोलैंड में पिछले छह महीने से अटकी हथियारों की खेप अब अमेरिका वापस बुला रहा है। इससे न केवल यूक्रेन की रक्षा क्षमताएं कमजोर होंगी, बल्कि यूरोप के देशों पर भी दबाव बढ़ेगा। ज़ाहिर है, यूक्रेन ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है — और सीधे ट्रंप पर तंज कसते हुए अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।

क्या ट्रंप ने पुतिन को ‘अलिखित छूट’ दे दी है?
रूस के खिलाफ जारी युद्ध में यूक्रेन हाल के महीनों में काफी आक्रामक रुख अपना चुका है, लेकिन अचानक बने इस हालात ने ज़ेलेंस्की को असहाय बना दिया है। ट्रंप के इस निर्णय को कुछ विश्लेषक पुतिन के साथ किसी “डील” का हिस्सा मान रहे हैं।

पोलैंड, जो ज़ेलेंस्की के लिए एक रणनीतिक सहयोगी है, वहीं से यूक्रेन को हथियार भेजे जाने थे। लेकिन इनकी डिलीवरी कभी हो ही नहीं पाई। सवाल उठते हैं — क्या पोलैंड ने खुद सप्लाई रोक दी? या फिर NATO की नीति में बदलाव हुआ है?

लेकिन इन सभी सवालों का केंद्र अब व्हाइट हाउस बन गया है — जहां ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच टकराव के बाद यूक्रेन को मिल रही सैन्य मदद की दिशा ही बदल दी गई।

यूक्रेन का पलटवार: “अमेरिका अब सहयोगी नहीं रहा”
यूक्रेन की सांसदों ने इस कदम की तीखी आलोचना की है। एक सांसद ने इसे “यूक्रेन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, तो दूसरे ने कहा कि अमेरिका अब उनका सहयोगी नहीं रहा।

पेंटागन ने सप्लाई रोके जाने की वजह हथियार भंडार में गिरावट को बताया है। लेकिन रिपोर्ट्स कहती हैं कि यूक्रेन के लिए भेजे गए हथियारों की डिटेल समीक्षा में पाया गया कि भारी मात्रा में मदद जारी की जा चुकी है — और अब वही खेप वापस बुलाई जा रही है।

ट्रंप का कहना है कि वह युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से ये कदम उठा रहे हैं। लेकिन आलोचकों का मानना है कि असल मंशा यूरोप पर दबाव बनाना और अमेरिका को युद्ध से पूरी तरह बाहर निकालना है।

किन हथियारों की डिलीवरी रोकी गई है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने निम्नलिखित हथियारों की सप्लाई रोकी है:

252 HIMARS GMLRS मिसाइलें

30 पैट्रियट PAC-3 MSE मिसाइलें

8,496 155 MM आर्टिलरी गोले

92 एयर-टू-एयर मिसाइलें

142 AGM-114 हेलफायर मिसाइलें

25 स्टिंगर मिसाइलें

125 AT-4 एंटी टैंक वेपन

ये सभी हथियार फिलहाल पोलैंड में हैं, लेकिन अमेरिका अब इन्हें वापस मंगवा रहा है।

क्रेमलिन में जश्न, ज़ेलेंस्की में निराशा
रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे सैन्य संघर्ष का अंत करीब आ गया है। लेकिन क्या सच में ऐसा है?

यूरोप अभी भी यूक्रेन के साथ खड़ा है। यूरोपीय देश हथियारों के सह-निर्माण में लगे हुए हैं और आगामी छह महीनों के लिए युद्ध योजना तैयार कर चुके हैं। यूक्रेन भी एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने या किराए पर लेने की कोशिश कर रहा है — जो रूस के लिए उकसाने वाला कदम बन सकता है।

इस सबके बीच बड़ा सवाल यह है — क्या ट्रंप ने रूस को पूरे यूरोप के खिलाफ खुला खेल खेलने की छूट दे दी है? अगर हाँ, तो यूरोप की सुरक्षा प्रणाली पर गहरा संकट मंडरा रहा है, और ज़ेलेंस्की के लिए देश छोड़ने की नौबत भी आ सकती है।

यह भी पढ़ें:

क्रैनबेरी जूस से पिघलाइए चर्बी, वो भी बिना भूखे रहे