आंवला भारतीय परंपरा में सदियों से स्वास्थ्यवर्धक फल के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर लोग इसे कच्चा, अचार, मुरब्बा या जूस के रूप में सेवन करते हैं, किंतु विशेषज्ञ अब ‘भाप में पकाकर’ आंवला खाने को अधिक लाभकारी बता रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार, भाप में पका आंवला शरीर द्वारा आसानी से पच जाता है और इसके पोषक तत्व बिना नुकसान के अवशोषित हो जाते हैं। यही कारण है कि तेजी से बदलती जीवनशैली में यह तरीका लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि आंवले में विटामिन–C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो सामान्य परिस्थितियों में अधिक गर्मी या ख़राब प्रसंस्करण से नष्ट हो जाता है। लेकिन भाप में पकाने की विधि इस पोषक तत्व को सुरक्षित रखती है। रोज़ाना एक भाप में पका हुआ आंवला खाने से शरीर को पाँच महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
पहला बड़ा फायदा है इम्यूनिटी को मजबूती। विटामिन–C रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। चिकित्सकों के मुताबिक, भाप में पका आंवला गले के संक्रमण, मौसमी बुखार और वायरल बीमारियों से लड़ने में सहायता करता है।
दूसरा लाभ पाचन तंत्र को मजबूत करने से जुड़ा है। आंवले में मौजूद फाइबर और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाचन की समस्याओं जैसे एसिडिटी, गैस और कब्ज में राहत देते हैं। चूंकि कच्चा आंवला कुछ लोगों के लिए भारी पड़ सकता है, इसलिए भाप में पकाने से यह आसानी से पचने योग्य हो जाता है।
तीसरा लाभ है रक्त शुद्धिकरण और त्वचा में सुधार। आंवले में मौजूद तत्व शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है और मुहांसों की समस्या में कमी देखी जाती है।
चौथा लाभ बालों से जुड़ा है। आयुर्वेद में आंवला बालों के लिए ‘चमत्कारी फल’ कहा गया है। भाप में पका आंवला जड़ों को मजबूत करता है, बाल झड़ने को कम करता है और सफेद बालों की समस्या से भी राहत देने में कारगर माना जाता है।
पांचवा और अत्यंत महत्वपूर्ण लाभ है शरीर के मेटाबॉलिज्म में सुधार। विशेषज्ञों का कहना है कि आंवला वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक है। इसमें कैलोरी कम और पोषक तत्व अधिक होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा तो देते हैं, पर अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाते नहीं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह खाली पेट या नाश्ते के साथ भाप में पका एक आंवला खाने से इसके लाभ सर्वोत्तम रूप से मिलते हैं। इसे भाप में पकाने के लिए आंवले को कुछ मिनट स्टीमर में रखने के बाद हल्का नरम होने पर सेवन किया जा सकता है।
स्वास्थ्य जगत में इस विधि को प्राकृतिक और सुरक्षित माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मत है कि अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के दौर में ऐसे प्राकृतिक विकल्पों पर लौटना स्वास्थ्य के लिए बेहतर निर्णय है।
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