अलर्ट! कहीं आपके कान से तो नहीं बहता खून? जानिए इसके पीछे के संभावित कारण और ज़रूरी सावधानियां

कान से खून बहना एक सामान्य स्थिति नहीं है और इसे हल्के में लेना खतरे से खाली नहीं हो सकता। कई बार यह मामूली चोट का नतीजा होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर संक्रमण या अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
अगर किसी के कान से अचानक खून आने लगे, तो यह जरूरी है कि उसे जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाए।

यह लेख आपको बताएगा कि कान से खून आने के संभावित कारण, इससे जुड़ी चेतावनियां और उपचार के तरीके क्या हैं।

कान से खून बहने के प्रमुख कारण
1. कान की चोट (Ear Injury)

कान में कोई नुकीली वस्तु डालने से — जैसे कि पिन, माचिस की तीली या कॉटन बड्स — अंदरूनी परत (ईयर कैनाल) को चोट लग सकती है।

इससे मामूली या कभी-कभी तेज़ खून बह सकता है।

यह बच्चों में ज्यादा आम है, जब वे खुद कान साफ करने की कोशिश करते हैं।

2. कान का संक्रमण (Ear Infection)

मध्य कान (Middle Ear) या बाहरी कान में संक्रमण होने पर सूजन के साथ मवाद और खून बह सकता है।

इसे ओटाइटिस मीडिया कहा जाता है।

लक्षणों में तेज़ दर्द, सुनाई देने में कमी, बुखार और कान से बदबूदार स्राव शामिल हैं।

3. कान के पर्दे का फटना (Ruptured Eardrum)

अगर किसी व्यक्ति के कान के परदे (ईयर ड्रम) में छेद हो जाए या वह फट जाए, तो खून बहने के साथ-साथ सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

यह अक्सर ज़ोरदार आवाज़, चोट या संक्रमण के कारण हो सकता है।

4. सिर की गंभीर चोट (Head Trauma)

सिर पर गंभीर चोट लगने से जमाव या फ्रैक्चर के कारण कान से खून आ सकता है।

यह आपातकालीन स्थिति मानी जाती है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

5. कान में फोड़ा या पिंपल (Ear Boil or Abscess)

बाहरी कान में अगर फोड़ा या पिंपल हो और वह फट जाए, तो खून या पस निकल सकता है।

यह आमतौर पर दर्दनाक होता है और दबाने से स्थिति और बिगड़ सकती है।

कब हो जाएं सावधान?

कान से खून आने के साथ यदि निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो स्थिति गंभीर हो सकती है:

चक्कर आना या बेहोशी

सिरदर्द

सुनाई न देना या कम सुनाई देना

आंखों से भी खून या तरल का रिसाव

बुखार और कंपकंपी

ऐसे में तुरंत ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से संपर्क करें।

इलाज और क्या करें?

कान से खून आने पर सबसे पहले कान को छेड़ें नहीं और किसी चीज़ से साफ करने की कोशिश न करें।

गुनगुने पानी से हल्का साफ करके डॉक्टर के पास जाएं।

संक्रमण के मामले में एंटीबायोटिक ड्रॉप्स या ओरल दवा दी जा सकती है।

अगर ईयरड्रम फटा हो तो इलाज लंबा चल सकता है, और कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ती है।

क्या न करें?

कॉटन बड्स, पिन, तीली या अन्य कोई चीज़ कान में न डालें।

कान के अंदर खुजलाहट होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

घरेलू उपायों (जैसे तेल डालना) से बचें जब तक कारण स्पष्ट न हो।

यह भी पढ़ें:

सिर्फ इम्यूनिटी ही नहीं, इन 3 बड़ी समस्याओं में भी असरदार है सहजन की पत्तियां