बसपा प्रमुख मायावती ने एक बार फिर से अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। रविवार को दिल्ली में हुई बसपा की बैठक में आकाश आनंद को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाए जाने का ऐलान किया गया। इस फैसले के बाद आकाश आनंद अब मायावती के बाद पार्टी में नंबर दो की कुर्सी पर आ गए हैं। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या उन्हें यह ताकत मिलने के बावजूद उनके सियासी तेवर पहले जैसे आक्रामक होंगे, या फिर वे अब अपने नए रोल में नरम रवैया अपनाएंगे?
आकाश आनंद की पार्टी में वापसी
मायावती ने दो महीने पहले आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद आकाश ने आंबेडकर जयंती के एक दिन पहले सोशल मीडिया पर मायावती से सार्वजनिक माफी मांगते हुए पार्टी में वापसी की अपील की थी। इसके तुरंत बाद मायावती ने उन्हें पार्टी में वापस लिया और अब उन्हें पार्टी का मुख्य राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बना दिया है। इस कदम से साफ हो गया है कि अब आकाश आनंद बसपा में मायावती के बाद सबसे ताकतवर नेता होंगे।
नई जिम्मेदारियां और ताकत
आकाश आनंद को इस नए पद पर पहले से ज्यादा ताकत मिली है। अब वे पार्टी के तीन अन्य राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों—रामजी गौतम, राजाराम और रणधीर बेनीवाल के साथ मिलकर संगठन का काम संभालेंगे। मायावती ने आकाश को पार्टी के हर राज्य में हर महीने एक दिन रहने का निर्देश दिया है, ताकि वे संगठन की स्थिति का आकलन कर सकें और अहम फैसलों में भाग ले सकें।
आकाश आनंद के सियासी तेवर
आकाश आनंद को इस पद पर ज्यादा ताकत मिलने के बावजूद उनके सियासी तेवर पहले जैसे आक्रामक नहीं रहेंगे। मायावती ने उन्हें एक ‘युवा नेता’ के रूप में पेश किया और पार्टी नेताओं से कहा कि अगर आकाश आनंद से कोई गलती होती है तो उसे निजी तौर पर बताएं। आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य अब मायावती के मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगा, क्योंकि वे उन्हें अपनी उत्तराधिकारी के रूप में तैयार कर रही हैं।
आक्रामक से नरम रवैया?
2024 के लोकसभा चुनाव में आकाश आनंद ने बेहद आक्रामक अंदाज में बीजेपी पर हमला बोला था और सीतापुर में योगी आदित्यनाथ की सरकार की तुलना तालिबान से करते हुए उसे ‘आतंकवादियों’ की सरकार कहा था। इसके बाद उनके खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। हालांकि, अब मायावती ने आकाश को नरम रवैया अपनाने के लिए कहा है। यह देखना होगा कि वे इस बदलाव को कैसे अपनाते हैं।
बिहार में होगा आकाश आनंद का असल इम्तिहान
आकाश आनंद की सियासी परीक्षा बिहार के सियासी रण में होगी, जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होगा। रामजी गौतम, जो बिहार के प्रभारी हैं, अब आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे। इस स्थिति में आकाश आनंद की भूमिका बिहार में काफी महत्वपूर्ण हो सकती है, और इस चुनावी मुकाबले में उनकी सियासी रणनीतियां परखने को मिलेगी।
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