घर और ऑफिस में स्वच्छ हवा बनाए रखने के लिए एयर प्यूरीफायर एक आम उपकरण बन गया है। लेकिन अगर इसका फिल्टर समय पर बदला या साफ न किया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर वायु प्रदूषण और एलर्जी को बढ़ा सकते हैं, जिससे श्वसन और एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
खराब फिल्टर के संकेत
उपयोगकर्ताओं को चाहिए कि वे एयर प्यूरीफायर के फिल्टर में समय-समय पर बदलाव और निगरानी करें। यहां 4 प्रमुख संकेत हैं जो यह बताते हैं कि फिल्टर खराब हो गया है:
धुएं या गंध का बढ़ना
अगर एयर प्यूरीफायर चलाते समय कमरे में अजीब या रासायनिक गंध महसूस हो, या धुएं जैसा प्रभाव हो, तो इसका मतलब है कि फिल्टर धूल और बैक्टीरिया से भर चुका है।
हवा की मात्रा में कमी
खराब फिल्टर के कारण एयर प्यूरीफायर कम हवा बहाता है। अगर उपकरण का ब्लोअर सामान्य से कम काम कर रहा है, तो फिल्टर की सफाई या बदलने की जरूरत है।
अत्यधिक शोर
जब फिल्टर बहुत गंदा या जाम हो जाता है, तो प्यूरीफायर के मोटर पर दबाव बढ़ता है, जिससे मशीन की आवाज़ तेज या असामान्य हो जाती है।
एलर्जी या खांसी में बढ़ोतरी
अगर फिल्टर गंदा है, तो एयर प्यूरीफायर धूल, बैक्टीरिया और वायरस को बाहर नहीं निकाल पाता। इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है—जैसे एलर्जी, खांसी या सांस की तकलीफ बढ़ जाना।
फिल्टर बदलने और रखरखाव के उपाय
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एयर प्यूरीफायर के HEPA और कार्बन फिल्टर को समय-समय पर जांचें और निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार बदलें। इसके अलावा:
साप्ताहिक सफाई: फिल्टर को हल्के वैक्यूम से साफ करें।
स्थान का ध्यान रखें: उपकरण को धूल और धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
निर्माता निर्देश पढ़ें: हर एयर प्यूरीफायर की सफाई और बदलने की समय सीमा अलग होती है।
स्वास्थ्य पर असर
खराब फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का सबसे बड़ा खतरा श्वसन रोग, एलर्जी और अस्थमा जैसी समस्याओं का बढ़ना है। बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी संवेदनशील लोगों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।
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