खेती और हरित ऊर्जा को मिलेगा नया बल: केंद्र सरकार के तीन बड़े फैसले

केंद्र सरकार ने देश के कृषि क्षेत्र और हरित ऊर्जा मिशन को मजबूती देने के लिए बुधवार को तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) को हरी झंडी दी गई, साथ ही NTPC और NLCIL को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में बड़े निवेश की अनुमति मिली।

पीएम धन-धान्य कृषि योजना से बदलेंगे 100 जिलों के हालात
PMDDKY योजना का उद्देश्य देश के 100 जिलों में खेती की स्थिति को मजबूत करना है। इस योजना के तहत 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ जोड़ा जाएगा। ये वे जिले हैं जहां फसल उत्पादन कम है, सिंचाई और भंडारण की सुविधाएं सीमित हैं और किसानों को कर्ज तक आसानी से पहुंच नहीं मिलती।

हर राज्य से कम-से-कम एक जिला योजना में शामिल होगा।

हर साल 24,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और

छह वर्षों में 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।

योजना का मकसद खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाना, फसल विविधता बढ़ाना, भंडारण, सिंचाई और कर्ज सुविधा को दुरुस्त करना है। यह योजना आकांक्षी जिलों के अनुभवों पर आधारित है और केंद्र-राज्य समन्वय से ठोस परिणाम लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

NTPC को 20,000 करोड़ की मंजूरी – हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) को 20,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की अनुमति दी है। यह राशि सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में लगेगी।

वर्तमान में NGEL के पास 6 गीगावॉट की ऑपरेशनल क्षमता है

26 गीगावॉट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं

2032 तक लक्ष्य है 60 गीगावॉट तक पहुंचने का

इससे देश में हरित ऊर्जा उत्पादन, रोजगार के अवसर और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

NLCIL को भी 7,000 करोड़ का निवेश – बनेगी नई ग्रीन एनर्जी इकाई
सरकार ने नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को उसकी सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) में 7,000 करोड़ रुपये निवेश की मंजूरी दी है।

NLC के 6,263 करोड़ रुपये के हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट्स NIRL को ट्रांसफर होंगे

700 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश वर्तमान प्रोजेक्ट्स में

फिलहाल NIRL के पास 1,400 मेगावॉट की क्षमता है

लक्ष्य है कि 2030 तक 10 गीगावॉट और 2047 तक 32 गीगावॉट क्षमता प्राप्त की जाए

NIRL अब NLC की समर्पित ग्रीन एनर्जी शाखा के रूप में कार्य करेगी।

भारत ने 2030 का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अपनी कुल स्थापित ग्रीन एनर्जी क्षमता का 50% लक्ष्य पहले ही पार कर चुका है, जो 2030 तक तय किया गया था। यह भारत की हरित ऊर्जा क्रांति की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

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