IPL और रिकॉर्ड के बाद अब बड़ा लक्ष्य: 15 साल की उम्र से पहले देश को ये सौगात देंगे वैभव

क्रिकेट जगत के युवा सितारे में शामिल 14‑साल के वैभव सूर्यवंशी ने 2025 में जिस तरह अपने प्रदर्शन से सबको हैरान किया, वह अब भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चाओं का विषय बना हुआ है। आईपीएल और घरेलू सर्किट में शानदार पारियों से सुर्खियों में रहने वाले वैभव का लक्ष्य अब अपने 15वें जन्मदिन से पहले देश को एक बड़ी सौगात देना है — अंडर‑19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतना।

वैभव सूर्यवंशी, जो 27 मार्च 2011 को जन्मे हैं, फिलहाल 14 वर्ष के हैं, और क्रिकेट में पहले ही कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिये 38 गेंद में शतक लगाकर इतिहास रचा था, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ के लिये T20 क्रिकेट में सर्वाधिक तेज शतकों में से एक है।

साल 2025 में वैभव ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय युवा क्रिकेट में लगातार बड़िया प्रदर्शन किये हैं। उन्होंने राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भारत A की ओर से UAE के खिलाफ 42 गेंदों में 144 रन की विस्फोटक पारी खेलकर अपने दावे को और पुख्ता किया।

इसके अलावा, उन्होंने विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए रिकॉर्ड‑तोड़ पारी खेली थी।

वैभव की महत्वाकांक्षा अब अंडर‑19 वर्ल्ड कप 2026 को जीतकर उस तरह की उपलब्धि हासिल करने की है जिसे वे अपने 15वें जन्मदिन से पहले पूरा करना चाहते हैं। इस टूर्नामेंट का आयोजन 15 जनवरी 2026 से जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला है, जो विश्व भर के युवा प्रतिभाओं के लिये सबसे बड़ा मंच माना जाता है जिनका ध्यान भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारों पर रहता है।

उल्लेखनीय है कि वैभव ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में तेज़ी से रन बनाये हैं — 24 गेंदों पर 10 छक्कों के साथ 68 रन की तूफ़ानी पारी खेलते हुए दर्शकों और क्रिकेट विश्लेषकों को प्रभावित किया।

यह बार‑बार दिखाता है कि युवा खिलाड़ी के पास बड़े टूर्नामेंट में भारत का नाम चमकाने की क्षमता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का बल्शाह batting और ताबड़तोड़ खेल उन्हें अगली बड़ी उपलब्धि तक ले जा सकता है। 14 की उम्र में ही इतनी उपलब्धियाँ हासिल करने वाला यह खिलाड़ी अब वैश्विक मंच पर भारत का झंडा बुलंद करना चाहता है।

बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा का असर स्थानीय क्रिकेट से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक दिखाया है। उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र (लगभग 4 वर्ष की उम्र) में हुई थी, जब उनके पिता ने उनके खेल‑प्रति रूचि को पहचानते हुए अभ्यास की दिशा दी।

भारत सरकार ने भी वैभव की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है, एक प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान जो बच्चों के असाधारण योगदान को सम्मानित करता है।

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