अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद कहा है कि भारत अफगानिस्तान का करीबी और भरोसेमंद दोस्त है। दोनों देशों के बीच शांति, सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर हुई चर्चा के बाद मुत्ताकी ने भारत के प्रति अपनी गहरी मित्रता और सहयोग की भावना को जाहिर किया।
भारत-अफगानिस्तान संबंधों में मजबूती
अमीर खान मुत्ताकी ने बताया कि अफगानिस्तान सरकार भारत को एक स्थायी और भरोसेमंद साथी के रूप में देखती है। उन्होंने कहा, “भारत ने अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और हम इसकी सराहना करते हैं। हमारा भारत के साथ संबंध केवल राजनयिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा हुआ है।”
मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद से मुकाबले, और मानवीय सहायता के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग
जयशंकर और मुत्ताकी के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा की अहमियत पर जोर दिया गया। अफगान विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान और भारत के बीच सुरक्षा सहयोग क्षेत्र के लिए स्थिरता लाने में मददगार होगा। उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों से ही शांति कायम की जा सकती है।
जयशंकर ने भी अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को लेकर भारत की समर्थन नीति को स्पष्ट किया और कहा कि भारत सभी हितधारकों के साथ बातचीत के माध्यम से स्थायी समाधान चाहता है।
मानवीय और विकास सहायता
भारत ने अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रीय परियोजनाओं में वर्षों से मदद की है। मुत्ताकी ने इस सहयोग के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया और आश्वासन दिया कि अफगानिस्तान इस साझेदारी को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे रिश्ते और गहरे हों ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।”
राजनीतिक संकेत और भविष्य की उम्मीदें
मुलाकात के दौरान अफगान विदेश मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि अफगानिस्तान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर शांति और स्थिरता के लिए काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ बेहतर संवाद और सहयोग से यह संभव होगा।
जयशंकर ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और शांति प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। दोनों नेताओं ने भविष्य में और अधिक द्विपक्षीय बैठकों और सहयोग को लेकर आश्वासन दिया।
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