महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अबू आजमी अपनी विवादित बयानबाजी के चलते एक बार फिर मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। औरंगजेब की तारीफ करने को लेकर उनके खिलाफ वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हो गया है। साथ ही, जनता और कई राजनीतिक दल उनके इस बयान का विरोध कर रहे हैं।
शिवसेना सांसद ने कराई FIR
शिवसेना के सांसद नरेश म्हास्के ने अबू आजमी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 299, 302, 356(1) और 356(2) के तहत मामला दर्ज कराया है। म्हास्के का कहना है कि अबू आजमी का बयान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इससे समाज में तनाव बढ़ सकता है।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
यह पहली बार नहीं है जब अबू आजमी ने औरंगजेब की प्रशंसा की है। इससे पहले साल 2023 में भी उन्होंने ऐसा ही बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं।
क्या है पूरा विवाद?
अबू आजमी ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि “औरंगजेब क्रूर नहीं था, उसने कई मंदिर बनवाए और कभी जनता का पैसा अपने लिए इस्तेमाल नहीं किया।” आजमी ने यह भी कहा कि औरंगजेब का शासन बर्मा (वर्तमान म्यांमार) तक फैला हुआ था और उस समय भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था।
यह बयान हाल ही में रिलीज़ हुई मराठी फिल्म “छावा” को लेकर दिया गया, जिसमें औरंगजेब और छत्रपति संभाजी महाराज के संघर्ष को दर्शाया गया है।
डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का कड़ा बयान
महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अबू आजमी के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि “अबू आजमी पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।” शिंदे ने कहा कि औरंगजेब वही शासक था जिसने छत्रपति संभाजी महाराज को 40 दिनों तक क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित किया था। ऐसे व्यक्ति की तारीफ करना न सिर्फ अपराध है बल्कि महापाप भी है।
क्या अबू आजमी मांगेंगे माफी?
अबू आजमी के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना और बीजेपी के नेता उन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि क्या अबू आजमी अपने बयान पर माफी मांगते हैं या इस विवाद में और फंसते हैं।
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