पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के लिए धर्मकोट से विधायक देवेंद्रजीत सिंह का बयान मुसीबत बन गया है। उन्होंने विधानसभा में अपनी ही सरकार पर अपने क्षेत्र के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया।
विधायक ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, “पिछले तीन साल में मेरी विधानसभा सीट को स्वास्थ्य से जुड़ा कोई प्रोजेक्ट नहीं मिला। ऐसा लगता है जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं।”
सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप
विधानसभा सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि धर्मकोट पीएचसी को उप-मंडलीय अस्पताल में अपग्रेड करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस पर विधायक ने जवाब दिया, “मोगा जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई खास प्रोजेक्ट नहीं दिया गया। क्या मोगा पंजाब का हिस्सा नहीं है?” उन्होंने यह भी कहा कि मलेरकोटला जैसे छोटे जिले को 28 एमबीबीएस डॉक्टर दिए गए, जबकि मोगा को सिर्फ 4 डॉक्टर मिले।
विवाद बढ़ा तो विधायक ने दी सफाई
AAP विधायक के इस बयान पर विपक्ष ने आप सरकार को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “जब सरकार के अपने विधायक ही उसकी हकीकत बयां कर रहे हैं, तो अब जनता को और कुछ कहने की जरूरत नहीं।”
हालांकि, विवाद बढ़ते देख देवेंद्रजीत सिंह ने सफाई दी और कहा कि उनका बयान आक्रोश में दिया गया तकियाकलाम था। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति स्पष्ट कर दी है, और अब मैं सरकार की नीतियों से पूरी तरह संतुष्ट हूं।”
विपक्ष ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधायक के यू-टर्न पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान AAP हाईकमान के दबाव में दिया गया है। उन्होंने कहा, “पहले विधायक ने सच्चाई बताई, लेकिन अब पार्टी के दबाव में अपनी बात से पलट गए हैं।”
AAP विधायक के इस बयान और फिर पलटने से पंजाब की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे AAP सरकार की विफलताओं का प्रमाण बता रहा है, जबकि पार्टी इसे गलतफहमी का मामला करार दे रही है।
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