आज के डिजिटल दौर में लैपटॉप पढ़ाई, काम और मनोरंजन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अगर लैपटॉप का कीबोर्ड अचानक ठीक से काम करना बंद कर दे, तो परेशानी बढ़ जाती है। कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल किए सीधे सर्विस सेंटर पहुंच जाते हैं, जहां छोटी सी समस्या के लिए भी मोटा खर्च उठाना पड़ सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कीबोर्ड से जुड़ी कई दिक्कतें ऐसी होती हैं, जिन्हें घर पर ही आसानी से ठीक किया जा सकता है।
धूल और गंदगी बनती है बड़ी वजह
कीबोर्ड खराब होने की सबसे आम वजह उसमें जमी धूल, मिट्टी या खाने के कण होते हैं। समय के साथ ये कण कीज़ के नीचे फंस जाते हैं, जिससे बटन दबाने पर सही से प्रतिक्रिया नहीं मिलती। ऐसे में सबसे पहले लैपटॉप बंद करें और कीबोर्ड को हल्के हाथ से उल्टा कर झटकें। इसके बाद सॉफ्ट ब्रश या एयर ब्लोअर की मदद से कीज़ के बीच की गंदगी साफ करें।
सॉफ्टवेयर की समस्या भी हो सकती है कारण
कई बार कीबोर्ड हार्डवेयर नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर की वजह से काम नहीं करता। ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट, ड्राइवर एरर या सेटिंग्स में बदलाव से कुछ कीज़ बंद हो सकती हैं। ऐसे में कीबोर्ड ड्राइवर को अपडेट या री-इंस्टॉल करना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही, सिस्टम को एक बार रीस्टार्ट करना भी कई बार समस्या को हल कर देता है।
एक्सटर्नल कीबोर्ड से करें जांच
यह पता लगाने के लिए कि समस्या हार्डवेयर की है या सॉफ्टवेयर की, लैपटॉप में एक एक्सटर्नल कीबोर्ड लगाकर देखें। अगर बाहरी कीबोर्ड सही से काम करता है, तो इसका मतलब है कि लैपटॉप के इनबिल्ट कीबोर्ड में ही दिक्कत है। इससे आपको सर्विस सेंटर में सही जानकारी देने में मदद मिलेगी।
लैंग्वेज और कीबोर्ड सेटिंग्स जांचें
कुछ मामलों में कीबोर्ड लेआउट बदल जाने से टाइप करते समय गलत अक्षर दिखाई देते हैं। यह समस्या अक्सर अनजाने में सेटिंग बदलने से होती है। ऐसे में लैपटॉप की भाषा और कीबोर्ड लेआउट सेटिंग्स को एक बार जरूर जांच लें।
लिक्विड गिरने पर तुरंत करें ये काम
अगर कीबोर्ड पर पानी या कोई तरल पदार्थ गिर गया हो, तो तुरंत लैपटॉप बंद करें और चार्जर निकाल दें। लैपटॉप को उल्टा रखकर सूखने दें और कम से कम 24 घंटे तक चालू न करें। कई बार इससे कीबोर्ड दोबारा काम करने लगता है और महंगे रिपेयर से बचाव हो जाता है।
एक्सपर्ट्स की सलाह
तकनीकी जानकारों के अनुसार, अगर ऊपर बताए गए उपायों के बाद भी कीबोर्ड काम नहीं करता, तभी सर्विस सेंटर जाना चाहिए। इससे पहले घर पर बेसिक जांच करने से न सिर्फ समय बचता है, बल्कि बेवजह के खर्च से भी राहत मिलती है।
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