एक छोटी सी गलती और खराब हो सकता है माइक्रोवेव, जान लें जरूरी सावधानियां

आजकल लगभग हर घर में माइक्रोवेव ओवन मौजूद है। खाना गर्म करने से लेकर बेकिंग और ग्रिलिंग तक, माइक्रोवेव ने रसोई के काम को काफी आसान बना दिया है। हालांकि, थोड़ी सी लापरवाही या गलत इस्तेमाल माइक्रोवेव को खराब कर सकता है, जिससे न सिर्फ महंगी मरम्मत का खर्च उठाना पड़ता है, बल्कि कई बार नया उपकरण खरीदने की नौबत भी आ जाती है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों को गांठ बांध लेना बेहद जरूरी है।

सबसे बड़ी गलती जो अक्सर लोग कर बैठते हैं, वह है माइक्रोवेव में धातु (मेटल) के बर्तन रखना। स्टील, एल्यूमिनियम फॉयल या सुनहरे किनारे वाले बर्तन माइक्रोवेव में चिंगारी पैदा कर सकते हैं। इससे मशीन के अंदर स्पार्किंग होती है, जो माइक्रोवेव के मैग्नेट्रॉन को नुकसान पहुंचा सकती है। यह माइक्रोवेव का सबसे अहम और महंगा पार्ट होता है।

दूसरी आम गलती है खाली माइक्रोवेव चलाना। कई लोग अनजाने में बिना कुछ रखे माइक्रोवेव ऑन कर देते हैं। ऐसा करने से माइक्रोवेव की ऊर्जा बाहर नहीं निकल पाती और सीधे मशीन के अंदर ही टकराती रहती है, जिससे अंदरूनी पार्ट्स गर्म होकर खराब हो सकते हैं।

इसके अलावा, सीलबंद कंटेनर या अंडे को माइक्रोवेव में गर्म करना भी खतरनाक साबित हो सकता है। बंद डिब्बों में भाप बाहर नहीं निकल पाती, जिससे वे फट सकते हैं। इससे न सिर्फ माइक्रोवेव के अंदर गंदगी फैलती है, बल्कि दरवाजे और शीशे को भी नुकसान पहुंच सकता है।

कई लोग माइक्रोवेव की नियमित सफाई पर ध्यान नहीं देते। खाने के छींटे और तेल अंदर जमते रहते हैं, जिससे बदबू आने लगती है और हीटिंग पर भी असर पड़ता है। लंबे समय तक सफाई न करने पर माइक्रोवेव की परफॉर्मेंस धीरे-धीरे घटने लगती है।

एक और गंभीर गलती है माइक्रोवेव के वेंटिलेशन को ढक देना। माइक्रोवेव को सही तरीके से ठंडा रहने के लिए हवा की जरूरत होती है। अगर उसे दीवार से चिपका कर रखा जाए या वेंटिलेशन बंद हो जाए, तो ओवरहीटिंग की समस्या पैदा हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोवेव का सही इस्तेमाल और थोड़ी सी सावधानी उसकी उम्र कई साल तक बढ़ा सकती है। हमेशा माइक्रोवेव-सेफ बर्तन का ही इस्तेमाल करें, खाली मशीन न चलाएं और समय-समय पर उसकी सफाई जरूर करें।

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