डेंगू का मौसम आते ही प्लेटलेट्स कम होना आम समस्या बन जाती है। प्लेटलेट्स शरीर में ब्लड क्लॉटिंग और इम्यूनिटी के लिए बेहद जरूरी हैं। आयुर्वेद में गिलोय (Giloy / Tinospora cordifolia) को प्लेटलेट्स बढ़ाने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने वाला रामबाण उपाय माना गया है।
गिलोय क्यों फायदेमंद है?
- इम्यूनिटी बूस्ट: गिलोय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: ब्लड क्लॉटिंग प्रक्रिया में मदद करता है और प्लेटलेट्स को बढ़ाता है।
- शरीर को डिटॉक्स करता है: टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर स्वास्थ्य सुधारता है।
गिलोय का सही सेवन
- गिलोय का रस
- 1–2 चम्मच गिलोय का ताजा रस रोज सुबह खाली पेट लें।
- स्वाद के लिए इसमें थोड़ी शहद मिला सकते हैं।
- गिलोय की गोली या कैप्सूल
- अगर ताजा जड़ी-बूटी उपलब्ध न हो तो आयुर्वेदिक स्टोर से प्रमाणित गिलोय कैप्सूल लें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार मात्रा निर्धारित करें।
- गिलोय का काढ़ा
- 10–15 ग्राम गिलोय के टुकड़े को 1 कप पानी में 10 मिनट उबालें।
- इसे दिन में 1–2 बार पिएं।
सेवन के टिप्स
- डेंगू में हाइड्रेशन जरूरी है, पानी और नींबू पानी भी पिएं।
- प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ाने के लिए गिलोय के साथ अमला, तुलसी और हल्दी भी शामिल कर सकते हैं।
- ज्यादा मात्रा से पेट में समस्या हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लें।
डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए गिलोय एक सुरक्षित और प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपाय है। सही मात्रा और नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा और इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे डेंगू की परेशानी कम होती है और स्वास्थ्य जल्दी सुधरता है।
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