अगर शरीर में खून की कमी हो जाए तो पूरा शरीर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। थकान, चक्कर आना, सांस फूलना और नसों में जान न रहना – ये सभी संकेत बताते हैं कि ब्लड कमजोर हो चुका है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह होती है आयरन (Iron) की कमी। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब आयरन की कमी होती है, तो खून “पानी जैसा” कमजोर हो जाता है।
आयरन की कमी से क्यों कमजोर हो जाता है खून?
आयरन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है और मांसपेशियों व नसों तक सही मात्रा में ऊर्जा नहीं पहुंच पाती। इसी कारण व्यक्ति जल्दी थक जाता है और नसों में कमजोरी महसूस होती है।
आयरन की कमी के मुख्य लक्षण
- हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना
- चक्कर आना या सिर दर्द
- सांस फूलना
- चेहरे और होंठों का पीला पड़ना
- हाथ-पैर ठंडे रहना
- दिल की धड़कन तेज होना
- बाल झड़ना और नाखून कमजोर होना
आयरन की कमी के कारण
- गलत खानपान और आयरन युक्त भोजन की कमी
- महिलाओं में अधिक मासिक धर्म
- प्रेग्नेंसी के दौरान आयरन की जरूरत बढ़ना
- पेट से जुड़ी समस्याएं, जिससे आयरन सही से अवशोषित न हो पाए
- बार-बार ब्लड लॉस होना
आयरन की कमी कैसे पूरी करें?
डाइट में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करें:
- पालक, मेथी और चुकंदर
- अनार, सेब और खजूर
- दालें और चना
- गुड़ और किशमिश
- अंडा और लीवर (नॉन-वेज खाने वालों के लिए)
साथ ही, विटामिन C युक्त चीजें जैसे नींबू, आंवला और संतरा लेने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है।
जरूरी सावधानी
अगर कमजोरी ज्यादा हो या हीमोग्लोबिन बहुत कम हो, तो बिना जांच के दवा न लें। डॉक्टर से ब्लड टेस्ट करवाकर ही आयरन सप्लीमेंट लेना सही रहता है। ज्यादा आयरन भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आयरन की कमी ब्लड की ताकत छीन लेती है और नसों को बेजान बना देती है। समय रहते सही खानपान और जरूरी जांच करवा ली जाए, तो एनीमिया और उससे जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। मजबूत खून ही स्वस्थ शरीर की असली पहचान है।
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