भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाया जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन और इटली की पांच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ जल्द ही भारत में अपने कैंपस खोल सकती हैं। यह पहल 2022 में लागू हुई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और UGC के नए दिशानिर्देशों के तहत की जा रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय छात्रों को ग्लोबल स्टैंडर्ड की उच्च शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराना है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिग्री प्राप्त कर सकें बिना विदेश जाए।
🌍 किन विदेशी यूनिवर्सिटीज़ ने दिखाई रुचि?
यूजीसी (UGC) को जिन यूनिवर्सिटीज़ के आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनमें शामिल हैं:
🇬🇧 यॉर्क यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन) – इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में डिग्री कोर्स
🇺🇸 मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) – टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी में रुचि
🇺🇸 अमेरिकन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी – बहुविषयक पाठ्यक्रमों के लिए
🇮🇹 इटली की ‘इस्तीतूतो यूरोपियो डी डिजाइन’ – डिजाइन एजुकेशन की शुरुआत की योजना
🇬🇧 अन्य दो ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज़ – इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट प्रोग्राम्स पर फोकस
🕒 कब से शुरू होंगी पढ़ाई?
जिन यूनिवर्सिटीज़ को LoI (Letter of Intent) मिल चुका है, उन्हें भारत में कैंपस खोलने की औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इन संस्थानों के पास अब अगले 18 महीनों का समय है, जिसमें उन्हें ऑपरेशन शुरू करना होगा। संभावना है कि इन यूनिवर्सिटीज़ में दिसंबर 2026 से पहले एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
🇬🇧 पहले से आगे बढ़ रहीं ब्रिटेन की यूनिवर्सिटीज़
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन – सितंबर 2025 में गुरुग्राम कैंपस में पहला सेशन शुरू
यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल – सितंबर 2026 से बेंगलुरु में शुरू होगा संचालन
वूलोंगोंग यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) और डीकिन यूनिवर्सिटी पहले ही गुजरात के GIFT सिटी में कैंपस शुरू कर चुकी हैं
✨ इस पहल के क्या होंगे फायदे?
विदेशी शिक्षा का अनुभव, अब भारत में
विदेश जाने की लागत से बचत
इंटरनेशनल फैकल्टी और करिकुलम
भारत को ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में अहम कदम
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