कई लोगों के पैरों के तलवे में बेर के आकार की पीली, मोटी गांठें बन जाती हैं, जो देखने में भद्दी लगती हैं और चलने-फिरने में भी तकलीफ देती हैं। इन गांठों को आयुर्वेद में फुट कॉर्न कहा जाता है। यह समस्या अधिकतर उम्रदराज लोगों को होती है क्योंकि बढ़ती उम्र में त्वचा के नीचे मौजूद फैटी टिशू कम हो जाते हैं, जिससे स्किन की सुरक्षा कम हो जाती है और दबाव से कॉर्न बनने लगते हैं।
बाबा रामदेव के अनुसार, अगर समय रहते फुट कॉर्न का इलाज न किया जाए, तो ये गांठें बड़ी होती जाती हैं और फिर चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। आइए जानें इसके लक्षण, कारण और घरेलू इलाज।
फुट कॉर्न के मुख्य लक्षण:
गांठ में तेज दर्द होना
बेर के आकार की सख्त स्किन
फटने पर रिसाव या जलन होना
फुट कॉर्न क्यों होता है? (मुख्य कारण):
बार-बार एक ही स्थान पर दबाव पड़ना
टाइट या खराब फिटिंग वाले जूते पहनना
हाई हील्स या नुकीले जूते पहनने से
बार-बार घर्षण और पसीना
घरेलू उपाय और बचाव के तरीके:
सही जूते पहनें: ऊँची एड़ी और टाइट जूते पहनने से बचें।
पैरों की सफाई करें: रोजाना पैरों को साबुन से धोकर साफ और सूखा रखें।
स्क्रब और मॉइश्चराइजर: प्यूमिस स्टोन से पैरों की मृत त्वचा हटाएं और मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल: तलवों में ज्यादा पसीना आता है तो पाउडर लगाएं ताकि घर्षण कम हो।
साफ जुराबें पहनें: रोजाना सूती, साफ और सूखी जुराबें पहनें।
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